यूपी में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार की प्रक्रिया में कई ऐसी व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं, जिनके बारे में हर नागरिक को जानना जरूरी है। जानिए कब से शुरू होगा पूरा कार्यक्रम और आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना होगा। पढ़े पूरी खबर।

UP News: उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस चरण में आमजन को पहली बार डिजिटल माध्यम से अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। इसके लिए 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन स्वगणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक जनगणना कर्मी घर-घर पहुंचकर परिवारों का विवरण दर्ज करेंगे। इस संबंध में मंडलायुक्त एवं मंडल जनगणना अधिकारी डॉ. रूपेश कुमार ने बुधवार को मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेसवार्ता कर जनगणना कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 देश की 16वीं और आजादी के बाद आठवीं जनगणना होगी। इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है।
डॉ. रूपेश कुमार के मुताबिक, आमजन 16 से 30 नवंबर 2026 तक आधिकारिक स्वगणना पोर्टल पर जाकर अपने परिवार का विवरण स्वयं दर्ज कर सकेंगे। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक SE ID जारी होगी। इसे सुरक्षित रखना जरूरी होगा, क्योंकि घर पहुंचने वाले प्रगणक को यह आईडी उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वगणना की प्रक्रिया वैकल्पिक है। जो परिवार ऑनलाइन माध्यम से जानकारी दर्ज नहीं कर पाएंगे, उनके घर प्रगणक पहुंचकर विवरण एकत्र करेंगे।
एक दिसंबर से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक
ऑनलाइन स्वगणना की अवधि समाप्त होने के बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक जनगणना कर्मी घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे। सहारनपुर मंडल में इस कार्य के लिए कुल 15,152 प्रगणक और सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे। इनमें जनपद सहारनपुर में 6,889 कर्मियों की तैनाती होगी। अधिकारियों के अनुसार, जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की गणना सुनिश्चित की जाएगी, ताकि कोई भी व्यक्ति गणना से छूट न जाए।
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जनसंख्या गणना के लिए निर्धारित प्रश्नावली में कुल 40 सवाल शामिल किए गए हैं। इनके माध्यम से परिवार और उसके सदस्यों से जुड़ी विभिन्न जानकारियां जुटाई जाएंगी। इनमें नाम, आयु, लिंग, जन्मस्थान, वैवाहिक स्थिति, धर्म, मातृभाषा, शिक्षा, रोजगार, आजीविका, प्रवासन, दिव्यांगता और बैंकिंग सुविधाओं से संबंधित विवरण शामिल होंगे।
प्रेसवार्ता में अधिकारियों ने बताया कि जनगणना के दौरान लोगों से प्राप्त व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसे जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत कानूनी संरक्षण प्राप्त है। लोगों से अपील की गई है कि वे प्रगणकों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं। साथ ही नागरिकों को आगाह किया गया कि जनगणना के नाम पर किसी भी व्यक्ति के साथ बैंक पासवर्ड, एटीएम पिन, यूपीआई पिन या ओटीपी साझा न करें।
अधिकारियों के मुताबिक, जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मई-जून 2026 के दौरान मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य पूरा किया जा चुका है। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना के बाद पांच से नौ जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा। जनगणना से जुड़ी सहायता के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1855 और व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 18001801855 भी जारी किए गए हैं।
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