विज्ञापन
Census 2027: घरों की गिनती का यह काम 20 जून तक चलेगा। जबकि लोगों (व्यक्ति) की गिनती दूसरे चरण में फरवरी 2027 में होगी।

UP News: उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के तहत आज शुक्रवा (22 मई) से राज्य भर में हाउस सर्वे (घरों की गिनती) का काम शुरू हो रहा है। इस चरण में प्रगणक (Enumerator) घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। इस चरण में कुल 33 सवाल लोगों से पूछे जाएंगे - इनमें परिवार की संख्या, मकान की स्थिति, संपत्ति आदि से संबंधित जानकारियां शामिल हैं। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए डाटा सीधे दर्ज करेंगे। यह आजादी के बाद पहली बार पूरी तरह डिजिटल मोड में हो रही जनगणना है।
घरों और परिवारों की गिनती का यह काम 20 जून तक चलेगा। जबकि लोगों (व्यक्ति) की गिनती दूसरे चरण में फरवरी 2027 में होगी।
स्वगणना में लाखों लोगों ने लिया हिस्सा
17 अप्रैल से 21 मई तक स्वगणना (Self Enumeration) का अभियान चला। इस दौरान 46 लाख 93 हजार 783 लोगों ने ऑनलाइन फॉर्म भरकर खुद अपने परिवार की जानकारी दर्ज की। स्वगणना करने वालों में राज्यपाल आनंदीबने पटेल और मुख्यममंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल थे। UP News
स्वगणना में पहले नंबर शाहजहांपुर रहा। सबसे कम स्वगणना कौशांबी में रही। लखनऊ में 98,331 लोगों ने हिस्सा लिया। स्वगणना करने वाले परिवारों को 11 अंकों की एक यूनिक आईडी मिली है, जिसे प्रगणक के आने पर दिखाना होगा।
5 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की तैनाती
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने इस पूरे काम को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए 5 लाख 25 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। जनगणना की ड्यूटी पूरी करने के बाद कर्मचारियों को प्रमाण-पत्र लेना होगा। इसे खजाने (कोषागार) में जमा करने के बाद ही वेतन मिलेगा। ड्यूटी में लापरवाही या गैरहाजिरी पर वेतन रोका जा सकता है। नोडल अधिकारी ने साफ कहा है कि यह राष्ट्रीय महत्व का काम है, किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनगणना के आंकड़े देश की विकास योजनाओं, संसाधनों के बंटवारे और नीति-निर्माण के लिए बेहद जरूरी होते हैं। इस बार डिजिटल प्रक्रिया से डेटा ज्यादा सटीक और पारदर्शी होने की उम्मीद है। UP News
विज्ञापन