उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के 18 अगस्त 2026 के बयान को भारत के सॉलिसिटर जनरल को भेजते हुए संबंधित सामग्री को SIT को उपलब्ध कराने और उसमें उठे बिंदुओं की गहन जांच कराने का अनुरोध किया है।

UP News : उत्तर प्रदेश की अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर जांच की मांग तेज हो गई है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के 18 अगस्त 2026 के बयान को भारत के सॉलिसिटर जनरल को भेजते हुए संबंधित सामग्री को SIT को उपलब्ध कराने और उसमें उठे बिंदुओं की गहन जांच कराने का अनुरोध किया है। अमिताभ ठाकुर का यह कदम ऐसे समय आया है जब अयोध्या और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े मामलों में जांच के दायरे और संभावित जांच के बिंदुओं को लेकर चर्चा तेज है। चूंकि पूरा मामला उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थापित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और उससे जुड़े ट्रस्ट की कार्यप्रणाली से संबंधित है, इसलिए प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में भी इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। UP News
अमिताभ ठाकुर की ओर से कहा गया है कि 17 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने जनहित से जुड़े व्यक्तियों को SIT द्वारा गहन जांच किए जाने योग्य पहलुओं के संबंध में सॉलिसिटर जनरल के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत करने की अनुमति दी थी। इसी क्रम में उन्होंने चंपत राय के बयान को जांच के लिए महत्वपूर्ण सामग्री बताते हुए सॉलिसिटर जनरल के समक्ष रखा है। अमिताभ ठाकुर ने अनुरोध किया है कि उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री को SIT को अग्रेषित किया जाए, ताकि उसमें किए गए दावों का स्वतंत्र और तथ्यात्मक सत्यापन कराया जा सके। UP News
अमिताभ ठाकुर ने विशेष रूप से चंपत राय के 18 अगस्त के बयान में मंदिर निर्माण से संबंधित विभिन्न पहलुओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है। इनमें मंदिर निर्माण के ठेके, निर्माण समिति की भूमिका, भूमि से जुड़े लेन-देन, बैंकिंग व्यवस्था, ऑडिट रिकॉर्ड और वैधानिक भुगतानों से जुड़े दावे शामिल बताए गए हैं। उनका कहना है कि इन बिंदुओं को केवल बयान के स्तर पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए, बल्कि उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड से उनका स्वतंत्र मिलान किया जाना चाहिए। UP News
अमिताभ ठाकुर ने मंदिर निर्माण से जुड़े तकनीकी और निर्माण प्रबंधन के संदर्भ में L&T तथा Tata Consulting Engineers के चयन की प्रक्रिया की भी स्वतंत्र जांच का अनुरोध किया है। उन्होंने यह जानने की आवश्यकता बताई है कि संबंधित संस्थाओं का चयन किस प्रक्रिया के तहत हुआ, निर्माण समिति में इससे जुड़े निर्णय किस प्रकार लिए गए और इन फैसलों से संबंधित दस्तावेजों में क्या दर्ज है। उनके मुताबिक, जांच एजेंसी को केवल किसी एक व्यक्ति के बयान पर निर्भर रहने के बजाय संबंधित फाइलों, प्रस्तावों, अनुमोदनों और भुगतान रिकॉर्ड का मिलान करना चाहिए। UP News
अमिताभ ठाकुर ने निर्माण समिति की निर्णय प्रक्रिया को भी जांच के दायरे में शामिल करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि मंदिर निर्माण जैसी बड़ी परियोजना से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के पीछे की प्रक्रिया, संबंधित बैठकों के रिकॉर्ड और निर्णयों के दस्तावेजों का स्वतंत्र परीक्षण किया जाना आवश्यक है। इसमें यह भी देखा जा सकता है कि जिन निर्णयों का उल्लेख बयान में किया गया है, वे संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड से मेल खाते हैं या नहीं। UP News
अमिताभ ठाकुर ने चंपत राय के बयान में उल्लिखित सरकारी भूमि से जुड़े लेन-देन की स्वतंत्र जांच की मांग भी की है। उन्होंने संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, भूमि दस्तावेज और लेन-देन से जुड़े आधिकारिक अभिलेखों के परीक्षण की जरूरत बताई है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े विकास कार्यों के कारण भूमि से संबंधित गतिविधियां पहले से ही सार्वजनिक चर्चा का विषय रही हैं। ऐसे में इस पहलू की स्वतंत्र जांच की मांग को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। UP News
अमिताभ ठाकुर ने बैंक खातों से जुड़े लेन-देन तथा ऑडिट रिकॉर्ड की भी जांच का अनुरोध किया है। उनका जोर इस बात पर है कि बयानों में जिन वित्तीय गतिविधियों या भुगतानों का उल्लेख किया गया है, उनका संबंधित बैंकिंग दस्तावेजों और ऑडिट रिकॉर्ड से मिलान कराया जाए। इसके साथ ही उन्होंने वैधानिक भुगतानों के रिकॉर्ड की भी स्वतंत्र जांच की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित भुगतान निर्धारित नियमों और रिकॉर्ड के अनुरूप हुए थे या नहीं।अमिताभ ठाकुर का मुख्य तर्क यह है कि चंपत राय ऐसे व्यक्ति हैं, जो श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली से शुरुआती चरणों से जुड़े रहे हैं। इसलिए उनके द्वारा सार्वजनिक रूप से किए गए दावों को जांच के दौरान महत्वपूर्ण इनपुट के रूप में लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि इन दावों की सत्यता या असत्यता का अंतिम निर्धारण संबंधित दस्तावेजों और स्वतंत्र जांच के आधार पर ही किया जाना चाहिए। UP News
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हुआ है और मंदिर से जुड़े ट्रस्ट, निर्माण कार्य तथा उससे संबंधित भूमि एवं वित्तीय गतिविधियों का केंद्र भी अयोध्या ही रहा है। यही कारण है कि इस घटनाक्रम का उत्तर प्रदेश के लिए विशेष महत्व है। अमिताभ ठाकुर स्वयं उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक पुलिस सेवा में रहे हैं और वर्तमान में आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में प्रदेश के विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सक्रिय दिखाई देते हैं। दूसरी ओर चंपत राय भी उत्तर प्रदेश और अयोध्या से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। ऐसे में उनके बयान को लेकर उठी जांच की मांग का सीधा संबंध उत्तर प्रदेश से जुड़ता है। UP News
अमिताभ ठाकुर द्वारा सॉलिसिटर जनरल के समक्ष यह सामग्री भेजे जाने के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन बिंदुओं को SIT के समक्ष किस रूप में रखा जाता है और जांच में किन पहलुओं को शामिल किया जाता है। फिलहाल अमिताभ ठाकुर ने मंदिर निर्माण से जुड़े ठेकों, निर्माण समिति के निर्णय, भूमि लेन-देन, बैंकिंग रिकॉर्ड, ऑडिट दस्तावेज और वैधानिक भुगतानों के स्वतंत्र सत्यापन की मांग उठाई है। यह मामला आगे बढ़ता है तो अयोध्या के साथ-साथ पूरे उत्तर प्रदेश में इसकी राजनीतिक और प्रशासनिक गूंज देखने को मिल सकती है। UP News
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