चंदौली में कंदवा पुलिस ने गोतस्करी नेटवर्क को आर्थिक मदद देने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में तस्करों के खातों में 22 लाख रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ।

UP News : उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में गोतस्करी के नेटवर्क के खिलाफ कंदवा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गोवध के एक मामले की विवेचना के दौरान अंतरराज्यीय गोतस्करी गिरोह को कथित तौर पर आर्थिक मदद पहुंचाने वाले दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दोनों आरोपी आपस में ममेरे-फुफेरे भाई हैं और वर्ष 2023 से उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से गोवंश खरीदकर पश्चिम बंगाल में सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़े हुए थे। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बैंक खातों में हुए लेन-देन से अहम जानकारी मिली। पुलिस का कहना है कि पूर्व में गिरफ्तार किए गए तस्करों के बैंक खातों में करीब 22 लाख रुपये भेजे गए थे। पुलिस अब इस पूरे आर्थिक नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है।
पुलिस के मुताबिक कंदवा थाना क्षेत्र में बकौड़ी चौराहे के पास चेकिंग के दौरान एक महिंद्रा बोलेरो पिकअप को रोकने का प्रयास किया गया था। आरोप है कि वाहन चालक ने पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की और मौके से भागने का प्रयास किया। पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस को पांच गोवंश मिले, जिन्हें कथित तौर पर क्रूरतापूर्वक बांधकर वाहन में लादा गया था। इसके बाद कंदवा थाने में मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की गई।
मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और बैंक खातों की जानकारी खंगाली। इसी दौरान पश्चिम बंगाल के वीरभूम निवासी हसनुज्जमान उर्फ जूवेल और खेताबुल मौलिक उर्फ सिप्पन की भूमिका सामने आने की बात पुलिस ने कही। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) के माध्यम से गोतस्करी से जुड़े लोगों के बैंक खातों में ऑनलाइन रकम भेजते थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पूर्व में गिरफ्तार तस्करों के खातों में कुल करीब 22 लाख रुपये भेजने की बात स्वीकार की है। UP News :
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी पश्चिम बंगाल में गोवंश की बिक्री और सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़े थे। कथित तौर पर तस्करों को नकद भुगतान के बजाय सीएसपी के माध्यम से बैंकिंग चैनल से रकम उपलब्ध कराई जाती थी। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी मोटे कमीशन के लालच में इस अवैध कारोबार को आर्थिक सहयोग दे रहे थे। बैंक खातों की जांच और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों की भूमिका की जांच आगे बढ़ाई। UP News :
पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ कंदवा थाने में दर्ज मामले के आधार पर गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और बीएनएस की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है। दोनों की गिरफ्तारी थानाध्यक्ष विनोद कुमार अंचल के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने की। कार्रवाई में कांस्टेबल शिवकुमार और नायब यादव भी शामिल रहे।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि गोतस्करी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और 22 लाख रुपये के लेन-देन के पीछे पूरा आर्थिक तंत्र किस तरह संचालित किया जा रहा था। UP News :
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