उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में हाईवे पर राहगीरों को निशाना बनाकर लूटपाट करने वाले एक शातिर गिरोह का उत्तर प्रदेश पुलिस ने खुलासा किया है। अलीनगर थाना पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में हाईवे पर राहगीरों को निशाना बनाकर लूटपाट करने वाले एक शातिर गिरोह का उत्तर प्रदेश पुलिस ने खुलासा किया है। अलीनगर थाना पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य पहले हाईवे पर रेकी करते थे और मौका मिलते ही तमंचे के बल पर लोगों को डराकर लूट की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी पार्टी करने के बाद बाइक से हाईवे पर निकलते थे और सैयदराजा से राजातालाब तक ऐसे लोगों की तलाश करते थे जिन्हें आसानी से अपना शिकार बनाया जा सके। 25 अगस्त की रात एसएस हॉस्पिटल, आलमपुर के पास हुई चेन लूट और फायरिंग की घटना का खुलासा भी इसी गिरोह से हुआ है। UP News
पुलिस के अनुसार, 25 अगस्त की रात सूर्यान्श जायसवाल अपनी गाड़ी से जा रहे थे। इसी दौरान राजकुमार दुबे और अमन गिरी ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने तमंचे से फायरिंग की और डराकर सूर्यान्श जायसवाल के गले से सोने की चेन लूट ली। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी चंदौली की ओर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। UP News
28 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि चेन लूटकांड में शामिल बदमाश एक बार फिर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में सकलडीहा से रिंग रोड की तरफ आ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तारापुर/आलमपुर अंडरपास के पास घेराबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान बाइक पर सवार राजकुमार दुबे और अमन गिरी पुलिस को देखकर भागने लगे। भागने के दौरान सड़क गीली होने के कारण उनकी बाइक फिसल गई। पुलिस ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने दो अन्य साथियों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद दूसरी बाइक से आ रहे कमलेश मिश्रा उर्फ पंकज मिश्रा और विनोद सिंह को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। UP News
पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने गिरोह के अपराध करने का तरीका भी सामने आया। पुलिस के मुताबिक, राजकुमार दुबे अपने रिश्ते के भाई कमलेश मिश्रा के पास आता था। वहां अमन गिरी के साथ पार्टी करने के बाद दोनों टीवीएस रोनिन बाइक से हाईवे पर निकलते थे। इसके बाद सैयदराजा से लेकर राजातालाब तक हाईवे पर घूमकर ऐसे लोगों की तलाश की जाती थी, जिन्हें आसानी से निशाना बनाया जा सके। मौका मिलते ही तमंचा दिखाकर मारपीट और लूट की जाती थी। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद इस्तेमाल की गई बाइक को कमलेश के गांव स्थित घर पर खड़ा कर दिया जाता था, ताकि पुलिस को शक न हो। UP News
पुलिस के अनुसार, गिरोह में विनोद सिंह की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि वह वारदात में इस्तेमाल किए गए असलहों को छिपाने के साथ ही अन्य बदमाशों को सहयोग करता था। इस तरह गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिका में काम करते थे और वारदात के बाद सबूत छिपाने की कोशिश करते थे। UP News
उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सामान बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक बरामदगी में—
शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, बरामद टीवीएस रोनिन बाइक का नंबर UP61BL9666 है, जबकि दूसरी बाइक बजाज पल्सर है, जिस पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। UP News
पुलिस के मुताबिक, चेन लूटकांड के वादी सूर्यान्श जायसवाल ने मौके पर पहुंचकर राजकुमार दुबे और अमन गिरी की पहचान की। इसके साथ ही बरामद चेन की भी शत-प्रतिशत पहचान किए जाने की बात पुलिस ने कही है। इससे पुलिस को 25 अगस्त की लूट की घटना में आरोपियों की भूमिका की पुष्टि करने में मदद मिली। UP News
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में विनोद सिंह के खिलाफ पहले से हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा कमलेश मिश्रा और अमन गिरी के खिलाफ भी पूर्व में आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस अब चारों आरोपियों का विस्तृत आपराधिक इतिहास खंगाल रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने इससे पहले हाईवे पर कितनी अन्य वारदातों को अंजाम दिया है।
पुलिस के मुताबिक, मामले में मुकदमा अपराध संख्या 540/2026 दर्ज है। बरामदगी और जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2)/61(2) बीएनएस तथा 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है। चारों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। UP News
चंदौली में हुई इस कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी किसी एक घटना तक सीमित नहीं थे। उनका तरीका हाईवे पर घूमकर संभावित शिकार तलाशना, तमंचे के बल पर उसे रोकना और मौका मिलते ही लूटपाट करना था। पुलिस की इस कार्रवाई से अब यह उम्मीद भी जगी है कि पूछताछ में गिरोह से जुड़ी अन्य हाईवे लूट की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के नेटवर्क और पूर्व की वारदातों की जानकारी जुटा रही है। UP News
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