चंदौली के कटेसर गांव में कई महीनों से बारिश और सीवर का गंदा पानी रास्ते पर जमा है। जलनिकासी नहीं होने से नाराज ग्रामीण चार-पांच दिन से धरने पर बैठे हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के पड़ाव क्षेत्र स्थित कटेसर गांव में जलनिकासी की समस्या ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। गांव के एक प्रमुख रास्ते पर पिछले कई महीनों से बारिश और सीवर का गंदा पानी जमा है। लगातार जलभराव के कारण रास्ता पूरी तरह पानी में डूब गया है। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीण पिछले चार-पांच दिनों से धरने पर बैठे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के प्रमुख रास्ते पर लंबे समय से पानी जमा है। बारिश के साथ सीवर का पानी भी रास्ते पर आने से स्थिति और खराब हो गई है। रास्ते पर गंदा पानी भरा होने के कारण लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार मजबूरी में उन्हें गंदे पानी से होकर ही घर से बाहर निकलना पड़ता है। लगातार जलभराव के कारण संक्रमण और बीमारियां फैलने की आशंका भी बनी हुई है।
धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना है कि जलनिकासी की समस्या को लेकर ग्राम प्रधान और जिला पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है। करीब दो महीने पहले उपजिलाधिकारी को भी लिखित शिकायत देकर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बाद उन्हें कार्रवाई का आश्वासन तो मिला, लेकिन मौके पर जलनिकासी की ठोस व्यवस्था नहीं की गई। इसके चलते समस्या लगातार बनी हुई है और अब ग्रामीणों ने धरने का रास्ता अपनाया है।
धरने पर बैठे ग्रामीणों में ग्राम प्रधान नीलम देवी के प्रति भी नाराजगी दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई दिनों से धरना चलने के बावजूद ग्राम प्रधान मौके पर पहुंचकर उनकी समस्या जानने नहीं आईं। कुछ ग्रामीणों ने यादव बस्ती के साथ पक्षपात किए जाने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इस दावे की वास्तविकता संबंधित पक्ष और प्रशासन के स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द रास्ते से गंदे पानी की निकासी कराने और स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से समस्या झेलने के बाद अब धरने पर बैठना उनकी मजबूरी बन गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जलनिकासी की व्यवस्था नहीं कराई गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराने के लिए क्या कदम उठाता है। UP News:
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