चंदौली में नौकरी और मकान का झांसा देकर महिलाओं को बंधक बनाने और अश्लील वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार।

UP News : उत्तर प्रदेश के चंदौली में मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल ने महिलाओं को नौकरी और मकान दिलाने का झांसा देकर फंसाने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिलाओं को सुनसान स्थान पर बुलाकर बंधक बनाते थे। इसके बाद उनके अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देकर परिजनों से पैसे वसूलते थे। पुलिस ने मामले में गिरोह के सरगना समेत तीन पुरुष और एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़िताओं को डराने और दबाव बनाने में शामिल थी।
पुलिस को डायल-112 और एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से महिलाओं को नौकरी और मकान दिलाने के नाम पर बंधक बनाकर ब्लैकमेल किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों की जांच के दौरान मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल की सर्विलांस टीम को एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, 27 अगस्त को दो पीड़िताओं ने मुगलसराय थाने में शिकायत दर्ज कराई। दोनों शिकायतों की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।UP News
पहली पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 14 मई को नौकरी दिलाने के बहाने उसे रामनगर से डहिया स्थित एक मकान में ले जाया गया। आरोप है कि वहां उसे करीब दो दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसके साथ मारपीट और गलत हरकत की गई तथा वीडियो बनाकर परिवार के लोगों को वायरल करने की धमकी दी गई। पीड़िता के परिजनों से करीब 30 हजार रुपये मंगवाए गए। इसके अलावा फोन-पे के माध्यम से करीब 75 हजार रुपये भी कथित तौर पर जबरन ट्रांसफर कराए गए।दूसरी पीड़िता के मुताबिक, 16 अगस्त को ऑनलाइन मकान दिखाने के बहाने उसे डहिया स्थित मकान में ले जाया गया। वहां तीन पुरुषों और एक महिला ने उसे बंधक बना लिया। आरोप है कि उसका अश्लील वीडियो बनाया गया और पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। आरोपियों ने पीड़िता के पति को फोन कर धमकी भी दी। इसके बाद उसके बैंक खाते से फोन-पे के जरिए करीब 1.14 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। पीड़िता किसी तरह छतों के रास्ते वहां से भाग निकली और अपनी जान बचाई।
पुलिस के अनुसार, गिरोह में शामिल महिला आरोपी खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़िताओं पर दबाव बनाती थी। गिरोह के सदस्य कथित तौर पर फर्जी पुलिस टीम का रूप धारण कर महिलाओं को कानूनी कार्रवाई और वीडियो वायरल करने का डर दिखाते थे। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने महिलाओं को मानसिक रूप से डराकर उनसे पैसे ऐंठने का तरीका अपना रखा था। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और घटनाओं की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस जांच के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी विजय कुमार गुप्ता उर्फ रॉकी पहले ऑनलाइन एस्कॉर्ट सेवा संचालित करता था। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2023 में एक महिला से कथित ठगी के बाद उसने महिलाओं से बदला लेने की योजना बनाई। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर नौकरी और मकान दिलाने के नाम पर महिलाओं को बुलाने की योजना तैयार की। आरोप है कि महिलाओं को सुनसान स्थान पर ले जाकर बंधक बनाया जाता था और फिर अश्लील वीडियो के जरिए उन्हें और उनके परिवार को ब्लैकमेल कर पैसे वसूले जाते थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। पुलिस गिरोह द्वारा की गई अन्य वारदातों और इससे जुड़े संभावित आरोपियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। UP News
विज्ञापन