बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह और उनके भाई अभिमन्यु सिंह से जुड़ा पारिवारिक संपत्ति विवाद अब अदालतों में अलग-अलग स्तर पर पहुंच गया है। जलालपुर स्टेट की संपत्तियों के बंटवारे को लेकर दर्ज FIR और हवेली की संपत्ति से जुड़ी पुरानी वसीयत ने परिवार के भीतर चल रहे विवाद को नया कानूनी मोड़ दे दिया है।

UP News : बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह और उनके भाई अभिमन्यु सिंह से जुड़ा पारिवारिक संपत्ति विवाद अब अदालतों में अलग-अलग स्तर पर पहुंच गया है। जलालपुर स्टेट की संपत्तियों के बंटवारे को लेकर दर्ज FIR और हवेली की संपत्ति से जुड़ी पुरानी वसीयत ने परिवार के भीतर चल रहे विवाद को नया कानूनी मोड़ दे दिया है। एक तरफ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने FIR में नामजद सात आरोपियों में से पांच की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है, तो दूसरी तरफ वसीयत से जुड़े मामले में चंद्रचूड़ सिंह पक्ष की रेस्टोरेशन अर्जी तहसीलदार न्यायालय से खारिज हो गई है। तहसीलदार न्यायालय के आदेश के बाद चंद्रचूड़ सिंह पक्ष ने SDM कोर्ट में अपील दाखिल की है। वहीं गिरफ्तारी पर रोक से संबंधित हाईकोर्ट के आदेश को भी चुनौती दिए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होनी है। संपत्ति विवाद से जुड़े इस घटनाक्रम में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। चंद्रचूड़ सिंह पक्ष जहां एफआईआर और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों को लेकर अपनी आपत्तियां अदालत के सामने रख रहा है, वहीं उनकी चाची गायत्री देवी के बेटे जय सिंह ने परिवार पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। UP News
अलीगढ़ के जलालपुर स्टेट की पारिवारिक संपत्तियों के बंटवारे को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच विवाद बताया जा रहा है। इसी विवाद ने आगे चलकर पुलिस शिकायत और FIR का रूप लिया। चंद्रचूड़ सिंह के भाई अभिमन्यु सिंह की ओर से रोरावर थाने में FIR दर्ज कराई गई थी। इस FIR में उनकी चाची गायत्री देवी समेत सात लोगों को आरोपी बनाया गया। FIR के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी का मुद्दा इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा। सुनवाई के दौरान अदालत ने पांच आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। हालांकि गिरफ्तारी पर रोक को मामले में आरोपों की सत्यता पर अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया अपने स्तर पर जारी रहेगी। UP News
गिरफ्तारी पर रोक के बाद भी मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा है। चंद्रचूड़ सिंह पक्ष की ओर से हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने की बात कही गई है। अब इस मामले में 30 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत के समक्ष दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने तर्क और दस्तावेज रखे जा सकते हैं। संपत्ति विवाद से जुड़े मामलों में पुलिस कार्रवाई और सिविल/राजस्व प्रक्रिया अलग-अलग स्तर पर चल सकती है। यही वजह है कि इस मामले में भी FIR और संपत्ति से संबंधित वसीयत का विवाद अलग-अलग न्यायिक मंचों पर आगे बढ़ रहा है। UP News
हवेली की संपत्ति को लेकर सामने आई पुरानी वसीयत भी विवाद का अहम हिस्सा है। चंद्रचूड़ सिंह पक्ष ने इससे संबंधित मामले में तहसीलदार न्यायालय में रेस्टोरेशन अर्जी दाखिल की थी। तहसीलदार न्यायालय ने यह अर्जी निर्धारित समय के बाद दाखिल किए जाने और उसके समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए जाने के आधार पर खारिज कर दी। इस फैसले के बाद चंद्रचूड़ सिंह पक्ष ने SDM कोर्ट में अपील दाखिल कर दी है। अब राजस्व न्यायालय में यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है, इस पर भी नजर बनी हुई है। UP News
मामले में चंद्रचूड़ सिंह की चाची गायत्री देवी के परिवार की ओर से भी अपना पक्ष सामने रखा गया है। उनके बेटे जय सिंह ने चंद्रचूड़ सिंह पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है। UP News
जय सिंह के अनुसार, जिस बिल के हस्ताक्षरों को चंद्रचूड़ सिंह पक्ष ने कथित रूप से फर्जी बताया था, उसकी हैंडराइटिंग और सिग्नेचर एक्सपर्ट से जांच कराई गई है। उनका दावा है कि विशेषज्ञ जांच में हस्ताक्षर सही पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक्सपर्ट रिपोर्ट के साथ वसीयत से संबंधित अन्य दस्तावेज और उपलब्ध साक्ष्य जांच अधिकारी को सौंपे जाएंगे। उनका कहना है कि परिवार के सदस्यों पर लगाए गए आरोपों में कोई तथ्य नहीं है। UP News
चंद्रचूड़ सिंह परिवार से जुड़ा यह मामला अब केवल पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रहा है। पुलिस में दर्ज FIR, आरोपियों की गिरफ्तारी का सवाल, हाईकोर्ट की कार्यवाही और हवेली की पुरानी वसीयत से जुड़ा राजस्व विवाद—इन सभी मोर्चों पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है। UP News
मामले में एक पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों के जवाब में दूसरे पक्ष ने भी अपने दस्तावेज और विशेषज्ञ रिपोर्ट सामने रखने की बात कही है। ऐसे में अंतिम स्थिति अदालतों के आदेश और जांच के निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट की रोक और तहसीलदार न्यायालय से रेस्टोरेशन अर्जी खारिज होने के बाद इस चर्चित पारिवारिक संपत्ति विवाद में अगला बड़ा पड़ाव 30 अक्टूबर की सुनवाई और SDM कोर्ट में लंबित अपील है। UP News
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