गोंडा के बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सांसद एवं आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के काफिले को कथित तौर पर रोके जाने का मामला गरमा गया है।

UP News: गोंडा के बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी हत्याकांड को लेकर मामला लगातार गरमाता जा रहा है। पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे सांसद एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के काफिले को कथित तौर पर रोके जाने और पुलिस पर दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। संगठन की ओर से इस संबंध में जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने के साथ दोषी पाए जाने वाले लोगों और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन अमेठी के जिलाध्यक्ष ऋषि कुमार गौतम के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ विनोद कुमार साहनी के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से कथित तौर पर उनके काफिले को रोक दिया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि इस दौरान चंद्रशेखर आजाद के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया। इसके अलावा कुछ लोगों द्वारा काफिले पर कथित हमला किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
भीम आर्मी ने पूरे मामले को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि जांच में घटना से जुड़े सभी पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि किसी भी हत्या के मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए। संगठन ने मांग की कि पीड़ित परिवार से मिलने और उनकी आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधियों को संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप सम्मान मिलना चाहिए। UP News:
संगठन ने राज्यपाल से पूरे मामले की जांच समयबद्ध तरीके से पूरी कराने की मांग की। इसके साथ ही दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने और चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई। ज्ञापन में भविष्य में चंद्रशेखर आजाद की जनसुनवाई या पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान अनावश्यक रोक-टोक और कथित दुर्व्यवहार की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान विरोध दर्ज कराएगा।
संगठन ने राज्यपाल से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रशासन को आवश्यक निर्देश देने की अपील की है। फिलहाल संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के आधार पर नहीं हुई है। मामले में जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान से घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। UP News:
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