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उत्तर प्रदेश के बिजनौर में आयोजित ‘सत्ता परिवर्तन यात्रा’ के दौरान उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के बाद नगीना ने प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दी है और आने वाले समय में देशभर में ‘नगीना मॉडल’ की चर्चा होगी।

UP News : आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में आयोजित ‘सत्ता परिवर्तन यात्रा’ के दौरान उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव के बाद नगीना ने प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दी है और आने वाले समय में देशभर में ‘नगीना मॉडल’ की चर्चा होगी। UP News
इंदिरा बाल भवन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जिस तरह कभी गुजरात मॉडल को विकास की पहचान के तौर पर प्रस्तुत किया जाता था, उसी तरह अब नगीना मॉडल सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों के सम्मान का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि यह मॉडल उन लोगों की आवाज है, जो वर्षों से अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सभा के दौरान सांसद ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी को उत्तर प्रदेश में सत्ता संभालने का अवसर मिला तो कक्षा 1 से 12वीं तक की शिक्षा पूरी तरह निशुल्क की जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक परिवार को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने और सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने युवाओं, किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों को केंद्र में रखकर नई कल्याणकारी योजनाएं लागू करने का भी भरोसा दिलाया। चंद्रशेखर ने कहा कि उनकी राजनीति सत्ता हासिल करने की नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने की है। UP News
अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन यात्रा को रोकने और कमजोर करने की कोशिश की गई, लेकिन जनता के भारी समर्थन ने यह साबित कर दिया कि प्रदेश में बदलाव की इच्छा मजबूत हो रही है। चंद्रशेखर ने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को जनता के बीच जाकर अपनी बात रखने का अधिकार है और किसी भी तरह की प्रशासनिक बाधा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। UP News
जनसभा के बाद सत्ता परिवर्तन यात्रा इंदिरा बाल भवन से शुरू होकर नुमाइश चौक, जजी चौक, शास्त्री चौक, शहर कोतवाली, दयानंद इंटर कॉलेज, रविदास मंदिर और रामलीला चौक सहित शहर के कई प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे और जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि रैली से पहले प्रशासन ने सांसद चंद्रशेखर आजाद समेत कई वरिष्ठ नेताओं को उनके आवासों पर रोकने का प्रयास किया। हालांकि बाद में पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद चंद्रशेखर अपने समर्थकों के साथ धामपुर से बिजनौर पहुंचे और निर्धारित कार्यक्रम में शामिल हुए। UP News
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