प्रदेश के मुरादाबाद में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। करीब 21 वर्षों से फरार चल रहे कुख्यात हिस्ट्रीशीटर नरेश वाल्मीकि को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने अपनी पहचान बदलकर संभल में सुल्तान नाम से नई जिंदगी शुरू कर रखी थी और लंबे समय तक पुलिस की नजरों से बचता रहा।

तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से कई नकली दस्तावेज मिले, जिनमें शामिल हैं:
* 2 आधार कार्ड
* 3 वोटर आईडी
* 1 पैन कार्ड
* ई-श्रम कार्ड
* बैंक स्मार्ट कार्ड
* लेटरहेड
ये सभी दस्तावेज सुल्तान पुत्र जलालुद्दीन के नाम से बनाए गए थे।
पुलिस के अनुसार, नरेश वाल्मीकि मूल रूप से मुरादाबाद के हसनपुर गोपाल क्षेत्र का रहने वाला है। करीब दो दशक पहले गंभीर आपराधिक मामलों में नाम आने के बाद वह फरार हो गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना नाम बदला, फर्जी पहचान बनाई, संभल में नई जिंदगी शुरू की और स्थानीय लोगों के बीच पूरी तरह घुलमिल गया।
आरोपी के खिलाफ पहले से ही कई संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें शामिल हैं लूट, धोखाधड़ी अन्य आपराधिक धाराएं। पूछताछ में उसने यह भी कबूल किया कि वह फर्जी पहचान के सहारे लंबे समय तक आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा। मुरादाबाद पुलिस के मुताबिक, यह गिरफ्तारी एक बड़ी उपलब्धि है। लंबे समय से फरार चल रहे इस हिस्ट्रीशीटर की तलाश जारी थी, जो आखिरकार सत्यापन अभियान के दौरान पकड़ में आया। फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है और उससे जुड़े अन्य मामलों की जांच जारी है।