
UP News : उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में एक सुनियोजित और सुव्यवस्थित तरीके से अवैध धर्मांतरण के नेटवर्क का भंडाफोड़ लगभग पूरी तरह हो चुका है। मामले का केंद्रबिंदु है उत्तर प्रदेश के बलरामपुर निवासी जमालुद्दीन उर्फ ‘छांगुर बाबा’, जिसकी गतिविधियों की परतें अब तेजी से खुल रही हैं। राज्य ATS और STF की जांच में यह सामने आया है कि छांगुर बाबा न सिर्फ खुद अवैध धर्मांतरण में लिप्त था, बल्कि उसके चार करीबी सबरोज, रशीद, शहाबुद्दीन (सभी बलरामपुर निवासी) और रमजान (गोंडा निवासी)—पूर्वांचल के विभिन्न ज़िलों में सुनियोजित तरीके से इस काम को अंजाम दे रहे थे।
ये लोग मजारनुमा स्थलों पर त्रिशूल लगाकर, फूलों की माला चढ़ाकर कव्वालियों और तकरीरों के ज़रिए जनभावनाओं को प्रभावित करते थे। STF को जांच में पुख्ता सबूत मिले हैं कि यह गिरोह विशेष रूप से हिंदू धर्म के प्रति अपमानजनक बातें फैलाकर लोगों को भ्रमित करता था और मुस्लिम धर्म की एकतरफा प्रशंसा कर उन्हें धर्मांतरण के लिए प्रेरित करता था। UP News
ATS ने छांगुर बाबा के बेहद करीबी नवीन रोहरा के सात बैंक खातों की जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (Ed) को सौंप दी है। इस आर्थिक नेटवर्क की जांच से यह संकेत मिलते हैं कि अवैध गतिविधियों के लिए व्यापक फंडिंग की गई थी। यह मामला नया नहीं है। मई 2023 में आजमगढ़ के देवगांव थाने में दर्ज एफआईआर में 18 नामजद आरोपी शामिल थे, जिनमें छांगुर बाबा के सहयोगियों के अलावा स्थानीय निवासी भी थे—जैसे अवधेश सरोज उर्फ वकील, ऊषा देवी, पन्ना लाल गुप्ता, सिकंदर, हसीना, कुंदन बेनवंशी, आकाश सरोज और कई अन्य। UP News
देवगांव क्षेत्र के चिरकिहिट गांव में पुलिस को मिली सूचना के आधार पर जब छापा पड़ा, तो वहां के दृश्य चौंकाने वाले थे। मजार जैसी संरचना के पास फूल, त्रिशूल और कव्वालियों के बीच लोगों को भाषणों के ज़रिए प्रभावित किया जा रहा था। पूछताछ में सामने आया कि इन कार्यक्रमों के ज़रिए लोगों को लालच देकर उनका धर्मांतरण किया जा रहा था। हालांकि, तब की जांच में छांगुर बाबा तक पुलिस नहीं पहुंच पाई थी। अब एसटीएफ की सक्रियता के बाद पूरे रैकेट की परतें खुल रही हैं। नवंबर 2024 में दर्ज की गई रिपोर्ट में छांगुर समेत 9 और आरोपियों को नामजद किया गया है।
जांच एजेंसियों को यह भी आशंका है कि इस गिरोह के 30 से 40 सदस्य अब भी फरार हैं और बरेली व आजमगढ़ जैसे ज़िलों में सक्रिय हैं। खास बात यह कि पीड़िता ने दावा किया है कि इस नेटवर्क में कई डॉक्टर और सामाजिक रसूख रखने वाले लोग शामिल हैं, जो न केवल धर्मांतरण करवा रहे थे, बल्कि खतना जैसे खतरनाक प्रक्रियाओं को भी अंजाम दे रहे थे। UP News