अप्रैल से आंगनबाड़ी केंद्रों में होने जा रहा दो अहम बदलाव
अप्रैल से आंगनबाड़ी केंद्रों में दो अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर बच्चों और महिलाओं के पोषण पर पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत न सिर्फ भोजन के मेन्यू में बदलाव किया गया है, बल्कि केंद्रों के संचालन समय को भी मौसम के अनुसार संशोधित किया गया है।

UP News : अप्रैल से आंगनबाड़ी केंद्रों में दो अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर बच्चों और महिलाओं के पोषण पर पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत न सिर्फ भोजन के मेन्यू में बदलाव किया गया है, बल्कि केंद्रों के संचालन समय को भी मौसम के अनुसार संशोधित किया गया है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाला आहार पहले से अधिक स्वादिष्ट और पोषणयुक्त
अधिकारियों के अनुसार, अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाला आहार पहले से अधिक स्वादिष्ट और पोषणयुक्त होगा। बच्चों के लिए मेन्यू में मीठा हलवा, आटा-बेसन से बने व्यंजन, दलिया और सोया युक्त खिचड़ी शामिल की गई है। वहीं कुपोषित बच्चों को विशेष रूप से मीठा हलवा दिया जाएगा, ताकि उनकी सेहत में तेजी से सुधार हो सके। गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए भी पौष्टिक आहार जैसे दलिया, सोया बर्फी और दाल आधारित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
केंद्रों के समय में भी बदलाव किया गया
गर्मी को ध्यान में रखते हुए केंद्रों के समय में भी बदलाव किया गया है। अब तक जहां केंद्र सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलते थे, वहीं अप्रैल से यह समय बदलकर सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर दिया जाएगा। इससे छोटे बच्चों को तेज धूप और गर्मी से राहत मिलेगी। इस नई व्यवस्था का लाभ जिले के लाखों पंजीकृत लाभार्थियों को मिलेगा। बड़ी संख्या में बच्चे, गर्भवती महिलाएं और धात्री माताएं इस योजना से जुड़ी हैं, जिन्हें नियमित रूप से पोषण आहार प्रदान किया जाता है।
वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा
इसके अलावा वितरण प्रणाली को भी अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। अब आहार की सप्लाई सीधे वेंडर के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचेगी। साथ ही, पोषण ट्रैकिंग के लिए डिजिटल और बायोमीट्रिक प्रणाली का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिससे लाभार्थियों की पहचान और वितरण प्रक्रिया को और सटीक बनाया जा सके। कुल मिलाकर, यह बदलाव आंगनबाड़ी व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और लाभार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
UP News : अप्रैल से आंगनबाड़ी केंद्रों में दो अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर बच्चों और महिलाओं के पोषण पर पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत न सिर्फ भोजन के मेन्यू में बदलाव किया गया है, बल्कि केंद्रों के संचालन समय को भी मौसम के अनुसार संशोधित किया गया है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाला आहार पहले से अधिक स्वादिष्ट और पोषणयुक्त
अधिकारियों के अनुसार, अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाला आहार पहले से अधिक स्वादिष्ट और पोषणयुक्त होगा। बच्चों के लिए मेन्यू में मीठा हलवा, आटा-बेसन से बने व्यंजन, दलिया और सोया युक्त खिचड़ी शामिल की गई है। वहीं कुपोषित बच्चों को विशेष रूप से मीठा हलवा दिया जाएगा, ताकि उनकी सेहत में तेजी से सुधार हो सके। गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए भी पौष्टिक आहार जैसे दलिया, सोया बर्फी और दाल आधारित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
केंद्रों के समय में भी बदलाव किया गया
गर्मी को ध्यान में रखते हुए केंद्रों के समय में भी बदलाव किया गया है। अब तक जहां केंद्र सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलते थे, वहीं अप्रैल से यह समय बदलकर सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर दिया जाएगा। इससे छोटे बच्चों को तेज धूप और गर्मी से राहत मिलेगी। इस नई व्यवस्था का लाभ जिले के लाखों पंजीकृत लाभार्थियों को मिलेगा। बड़ी संख्या में बच्चे, गर्भवती महिलाएं और धात्री माताएं इस योजना से जुड़ी हैं, जिन्हें नियमित रूप से पोषण आहार प्रदान किया जाता है।
वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा
इसके अलावा वितरण प्रणाली को भी अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। अब आहार की सप्लाई सीधे वेंडर के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचेगी। साथ ही, पोषण ट्रैकिंग के लिए डिजिटल और बायोमीट्रिक प्रणाली का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिससे लाभार्थियों की पहचान और वितरण प्रक्रिया को और सटीक बनाया जा सके। कुल मिलाकर, यह बदलाव आंगनबाड़ी व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और लाभार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












