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UP News : उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार 1 मई से पूरे प्रदेश में गोवंश के संरक्षण के लिए एक विशेष अभियान चला रही है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह विशेष अभियान 1 मई से 15 मई 2026 तक प्रदेश के सभी 75 जिलों में चलाया जाएगा।

UP News : उत्तर प्रदेश में 1 मई 2026 से विशेष चैकिंग अभियान (निरीक्षण) शुरू हो गया है। पूरे उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों तथा 75 जिलों में चलने वाला यह चैकिंग अभियान बहुत ही खास अभियान है। पूरे प्रदेश में चलाए जाने वाले इस निरीक्षण अभियान के कारण प्रदेश के सरकारी अधिकरियों तथा कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। चैकिंग अभियान के दौरान सरकारी अधिकारियों तथा कर्मचारियों को छुट्टी नहीं दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने लिया है चैकिंग का बड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में निराश्रित गौवंश के संरक्षण के काम को तेज करने का बड़ा फैसला लिया है। दरअसल उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं तथा छुट्टे पशुओं की एक बड़ी समस्या रही है। इन आवारा तथा छुट्टे पशुओं में बड़ी संख्या में गाय तथा गाय के बछड़े शामिल हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने इन गाय तथा बछड़ों को निराश्रित गौवंश नाम दिया है। निराश्रित गौवंश के लिए प्रदेश के सभी जिलों में गोआश्रय स्थल (गऊशाला) बनाए गए हैं। इन गोआश्रय स्थलों में लाखों की संख्या में निराश्रित गौवंश को रखा गया है। बढ़ती हुई गर्मी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने गोआश्रय स्थलों की चैकिंग का एक व्यापक अभियान शुरू किया है। यह चैकिंग अभियान 1 मई से शुरू हो गया है।
पूरे प्रदेश में एक साथ शुरू हुआ चैकिंग अभियान
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार 1 मई से पूरे प्रदेश में गोवंश के संरक्षण के लिए एक विशेष अभियान चला रही है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह विशेष अभियान 1 मई से 15 मई 2026 तक प्रदेश के सभी 75 जिलों में चलाया जाएगा। दरअसल प्रदेश में निराश्रित गोवंश का पालन कराने के लिए गोआश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 दिन तक लगातार इन गोआश्रय स्थलों के निरीक्षण का विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। इस सघन निरीक्षण अभियान के दौरान किसी भी सरकारी अधिकारी तथा कर्मचारी को छुट्टी नहीं दी जाएगी। UP News
उत्तर प्रदेश के सभी मंडलों में तैनात किए गए हैं नोडल अधिकारी
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में चलाए जाने वाले सघन निरीक्षण अभियान के लिए सरकार ने खास इंतजाम किए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह को इस निरीक्षण अभियान की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी 8 मंडलों में निरीक्षण के लिए एक-एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी के तौर पर तैनात कर दिया गया है। सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने मंडल में जाकर वहां बनाए गए ओआश्रय स्थलों का निरीक्षण करके वहां की सारी व्यवस्थाओं को दुरूस्त बनाने का काम करेंगे। नोएडा अधिकारियों ने 1 मई से अपना काम शुरू कर दिया है।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों के विरूद्ध होगी कार्यवाही
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि निराश्रित गोवंश का संरक्षण तथा भरण-पोषण उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए यह विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत गोसंरक्षण के मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों के विरूद्ध तुरन्त सख्त कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया है कि उत्तर प्रदेश की प्रत्येक गौशाला में न्यूनतम 10 कुन्तल भूसे के आरक्षित भण्डार की अनिवार्यता के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक भूसा क्रय किया जाए। गेहूं की कटाई के दृष्टिगत स्थानीय किसानों से न्यूनतम दर पर उपलब्ध भूसा क्रय करके अस्थाई भूसा गोदामों, खाली पड़े पशु सेवा केन्द्रों, पशु चिकित्सा के भवनों, बन्द अस्थाई गोआश्रय स्थलों के पशु शिविर का प्रयोग भूसा भण्डार हेतु किया जाए। भूसे के साथ ही हरे चारे की भी पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश उन्होंने दिए हैं। UP News
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