आखिर इन विधायकों की उम्मीदवारी पर सवाल क्यों उठ रहे हैं और BJP किन आधारों पर टिकट का फैसला करने की तैयारी में है ? क्या 2027 के चुनाव में कई पुराने चेहरों की जगह नए उम्मीदवार दिखाई देंगे ?

UP News : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी के भीतर टिकटों को लेकर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। भाजपा के आंतरिक सर्वे और विधानसभा क्षेत्रवार फीडबैक को लेकर सामने आ रही रिपोर्टों ने प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्टों में भाजपा के करीब 100 वर्तमान विधायकों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर सत्ता-विरोधी माहौल सामने आने की बात कही गई है। वहीं कुछ रिपोर्टों में संभावित बदलाव का आंकड़ा 125 विधायकों तक बताया गया है। लेकिन चेतना मंच के सूत्रों से मिली जानकारी इससे भी बड़ी है। सूत्रों के अनुसार भाजपा के अंदर चल रही व्यापक समीक्षा में करीब 150 वर्तमान विधायकों के टिकट पर गंभीर विचार-विमर्श चल रहा है। हालांकि इन सभी के टिकट कटना अभी अंतिम निर्णय नहीं है। UP News
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार भाजपा ने उत्तर प्रदेश में 255 मौजूदा भाजपा विधायकों वाली सीटों पर जमीनी आकलन कराया है। इस आकलन में करीब 100 विधायक पार्टी के रडार पर बताए गए हैं। जनता के बीच भरोसा, स्थानीय संगठन से संबंध और क्षेत्र में विधायक की स्थिति जैसे पहलुओं को जांचा जा रहा है। इंडिया टुडे की 5 अक्टूबर की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि भाजपा के आंतरिक आकलन में लगभग 100 वर्तमान विधायकों के खिलाफ स्थानीय असंतोष के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अभी किसी विधायक का टिकट काटने का अंतिम फैसला नहीं हुआ है। UP News
चेतना मंच के सूत्रों के मुताबिक भाजपा की समीक्षा केवल उन 100 विधायकों तक सीमित नहीं है जिनका नाम मीडिया रिपोर्टों में सामने आया है। पार्टी के व्यापक फीडबैक सिस्टम में करीब 150 वर्तमान विधायकों की दोबारा उम्मीदवारी पर सवाल खड़े हुए हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी 150 विधायकों के टिकट निश्चित रूप से कट जाएंगे। बल्कि इन सीटों पर मौजूदा विधायक के मुकाबले दूसरे संभावित चेहरों की राजनीतिक स्वीकार्यता, संगठन में पकड़ और जनता के बीच स्थिति का तुलनात्मक आकलन किया जा रहा है। UP News
भाजपा के मौजूदा आकलन में वरिष्ठता और पिछली जीतों के बजाय विधानसभा क्षेत्र में संभावित प्रदर्शन को ज्यादा महत्व दिए जाने की बात सामने आई है। यदि किसी पुराने विधायक के मुकाबले कोई नया चेहरा बेहतर जनसमर्थन जुटाने की स्थिति में दिखाई देता है तो पार्टी उस चेहरे को मौका देने पर विचार कर सकती है। रिपोर्टों के अनुसार दो या तीन बार चुनाव जीत चुके विधायक भी समीक्षा से बाहर नहीं हैं। दूसरी तरफ यदि किसी वर्तमान विधायक के पक्ष में मजबूत स्थानीय समर्थन दिखाई देता है तो उसे दोबारा टिकट मिलने की संभावना बनी रह सकती है। UP News
भाजपा के अंदर चल रही इस कवायद में केवल जनता की नाराजगी ही नहीं बल्कि विधायक और स्थानीय संगठन के रिश्तों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल, क्षेत्र में उपलब्धता, सरकार की योजनाओं का प्रभाव और विधायक की सक्रियता जैसे मुद्दे भी टिकट के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ रिपोर्टों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी वर्तमान विधायकों और संभावित प्रत्याशियों को लेकर फीडबैक लिए जाने की बात सामने आई है। UP News
उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए 2024 का लोकसभा चुनाव एक महत्वपूर्ण संदर्भ बना हुआ है। 2019 में उत्तर प्रदेश में 62 लोकसभा सीटें जीतने वाली भाजपा 2024 में 33 सीटों पर रह गई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा ने 2024 में अपने 49 मौजूदा सांसदों को दोबारा मैदान में उतारा था, जिनमें से 27 चुनाव हार गए। इसी अनुभव के कारण विधानसभा चुनाव में केवल पुराने चेहरे और पिछली जीत के आधार पर टिकट देने से बचने की रणनीति पर चर्चा हो रही है। UP News
भाजपा के संभावित टिकट बदलाव में युवा, महिलाएं और संगठन से जुड़े नए चेहरों को जगह देने की चर्चा भी सामने आ रही है। यदि चेतना मंच के सूत्रों की 150 विधायकों वाली जानकारी सही दिशा में आगे बढ़ती है, तो इसका मतलब उत्तर प्रदेश में भाजपा की मौजूदा विधानसभा टीम में बहुत बड़ा चेहरा परिवर्तन हो सकता है। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि भाजपा ने अभी 150 विधायकों के टिकट काटने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। उम्मीदवारों की अंतिम सूची और टिकटों पर निर्णय पार्टी की अधिकृत प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा। UP News
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सबसे बड़ा सवाल यही बनता जा रहा है कि भाजपा कितने वर्तमान विधायकों को दोबारा मैदान में उतारती है और कितने नए चेहरों पर भरोसा करती है। सार्वजनिक रिपोर्टों में अभी 100 से 125 विधायकों तक बदलाव की चर्चा है, जबकि चेतना मंच के सूत्र करीब 150 वर्तमान विधायकों के टिकट पर समीक्षा की जानकारी दे रहे हैं। आने वाले महीनों में होने वाली संगठनात्मक बैठकों, सर्वे और उम्मीदवार चयन प्रक्रिया से तस्वीर और स्पष्ट होगी। चेतना मंच लगातार भाजपा के टिकट चयन और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर नजर बनाए हुए है। UP News
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