
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath) ने "जीरो पावर्टी अभियान" के दूसरे चरण की शुरुआत की है। इस "जीरो पावर्टी अभियान" (Zero Poverty Campaign) का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक गरीब परिवार को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहने देना है। मुख्यमंत्री (Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath) ने इसे एक मिशन मोड में चलाने का संकल्प लिया है, जिसमें पहले चरण के तहत सात प्रमुख योजनाओं से लाभ प्रदान किया गया था। अब दूसरा चरण और भी व्यापक रूप से संचालित होगा, जिसमें कई नई योजनाओं को शामिल किया गया है।
पहले चरण में जिन योजनाओं को लागू किया गया, उनमें राशन कार्ड, दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम आवास योजना और आयुष्मान भारत योजना शामिल थीं। इन योजनाओं के तहत लाखों परिवारों को लाभ हुआ और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath) का कहना है कि "जीरो पावर्टी" केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक संकल्प है। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर गरीब परिवार को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले और गरीबी के चक्र को स्थायी रूप से तोड़ा जा सके। इस अभियान के जरिए राज्य को गरीबी मुक्त बनाना और हर नागरिक के जीवन स्तर में सुधार लाना मुख्य लक्ष्य है।
अभियान के दूसरे चरण में अटल आवासीय योजना को भी शामिल किया गया है, जिसका उद्देश्य निराश्रित बच्चों को सुरक्षित आवासीय शिक्षा प्रदान करना है। वहीं, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से बेटियों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा, बाल सेवा योजना के तहत सभी अनाथ बच्चों को भी समर्थन मिलेगा।
इस अभियान के तहत ऐसे परिवारों की पहचान की जा रही है जिनके पास कृषि भूमि नहीं है, पक्का मकान नहीं है, और जिनके सदस्य बुजुर्ग, निराश्रित, अनाथ या दिव्यांग हैं। डेमोग्रॉफी, असेट ऑनरशिप और एजुकेशन-एंप्लॉयबिलिट के तीन स्तंभों पर आधारित मॉडल से युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर दिए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath) ने सभी जिलों और ग्राम स्तर तक अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि हर गरीब परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचे, ताकि उत्तर प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाया जा सके।