मेरठ के सेंट्रल मार्केट में लगभग 1470 दुकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी
मेरठ में शास्त्री नगर के सेंट्रल मार्केट में लगभग 1470 दुकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी चल रही है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर होनी है, जिसमें अदालत ने इस बाजार के अधिकांश दुकानों को अवैध निर्माण बताया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के मेरठ में शास्त्री नगर के सेंट्रल मार्केट में लगभग 1470 दुकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी चल रही है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर होनी है, जिसमें अदालत ने इस बाजार के अधिकांश दुकानों को अवैध निर्माण बताया है। अब प्रशासन ने यह काम आगे बढ़ाने की तैयारी कर ली है, जिसका असर इलाके में तनाव के रूप में देखा जा रहा है।
व्यापारियों और संगठनों की प्रतिक्रिया
इस फैसले का विरोध व्यापारी संगठनों और किसान मजदूर समूहों ने किया है। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन की नीति के खिलाफ आवाज उठाई। कई व्यापारियों तथा समर्थकों के बीच पुलिस के साथ बहस भी हुई है। अधिकारियों ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया, जिससे बाजार बंद रहने और विरोध तेज होने जैसी स्थिति बनी है।
प्रशासन की तैयारी
आवास एवं विकास परिषद और स्थानीय प्रशासन ने ध्वस्तीकरण कार्रवाई के लिए आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। अधिकारियों ने कहा है कि अवैध माने गए निमार्णों को हटाने के लिए पुलिस और मजिस्ट्रेट की मदद ली जा सकती है। कुछ हिस्सों के लिए पहले ही नियंत्रण और नोटिस जारी किए गए हैं ताकि जो दुकानदार स्वयं हटाना चाहते हैं वे समय पर कदम उठा सकें।
व्यापारियों की मांग
व्यापारी लगातार प्रशासन और सरकार से कह रहे हैं कि उन्हें स्थानांतरित, पुनर्वास या किसी वैकल्पिक व्यवस्था दी जाए ताकि उनका व्यवसाय और रोजी-रोटी प्रभावित न हो। कई लोग चाहते हैं कि मामला बातचीत और समाधान के रास्ते से सुलझाया जाए। यह विवाद कुछ समय से चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी इस बाजार के अवैध निर्माण के खिलाफ फैसले दिए हैं और कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं, जिनके अनुपालन के लिए अब प्रशासन सक्रिय हो गया है।
UP News : उत्तर प्रदेश के मेरठ में शास्त्री नगर के सेंट्रल मार्केट में लगभग 1470 दुकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी चल रही है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर होनी है, जिसमें अदालत ने इस बाजार के अधिकांश दुकानों को अवैध निर्माण बताया है। अब प्रशासन ने यह काम आगे बढ़ाने की तैयारी कर ली है, जिसका असर इलाके में तनाव के रूप में देखा जा रहा है।
व्यापारियों और संगठनों की प्रतिक्रिया
इस फैसले का विरोध व्यापारी संगठनों और किसान मजदूर समूहों ने किया है। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन की नीति के खिलाफ आवाज उठाई। कई व्यापारियों तथा समर्थकों के बीच पुलिस के साथ बहस भी हुई है। अधिकारियों ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया, जिससे बाजार बंद रहने और विरोध तेज होने जैसी स्थिति बनी है।
प्रशासन की तैयारी
आवास एवं विकास परिषद और स्थानीय प्रशासन ने ध्वस्तीकरण कार्रवाई के लिए आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। अधिकारियों ने कहा है कि अवैध माने गए निमार्णों को हटाने के लिए पुलिस और मजिस्ट्रेट की मदद ली जा सकती है। कुछ हिस्सों के लिए पहले ही नियंत्रण और नोटिस जारी किए गए हैं ताकि जो दुकानदार स्वयं हटाना चाहते हैं वे समय पर कदम उठा सकें।
व्यापारियों की मांग
व्यापारी लगातार प्रशासन और सरकार से कह रहे हैं कि उन्हें स्थानांतरित, पुनर्वास या किसी वैकल्पिक व्यवस्था दी जाए ताकि उनका व्यवसाय और रोजी-रोटी प्रभावित न हो। कई लोग चाहते हैं कि मामला बातचीत और समाधान के रास्ते से सुलझाया जाए। यह विवाद कुछ समय से चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी इस बाजार के अवैध निर्माण के खिलाफ फैसले दिए हैं और कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं, जिनके अनुपालन के लिए अब प्रशासन सक्रिय हो गया है।












