क्या इस टाउनशिप से चित्रकूट में आवासीय जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी? क्या नई कॉलोनी से शहर के बुनियादी ढांचे, कारोबार और शहरी सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा? फिलहाल इन सवालों के जवाब योजना के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति पर निर्भर करेंगे।

UP News : धर्मनगरी चित्रकूट को अब आधुनिक और सुनियोजित शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रशासन ने बढ़ती आबादी और आवासीय संकट को देखते हुए एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत 43 राजस्व गांवों की जमीन अधिग्रहण कर आवासीय और व्यावसायिक टाउनशिप बसाई जाएगी। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने इस महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित बगदरी, अहमदगंज और चकमाली गांवों में नई कॉलोनी बसाई जाएगी। इसके लिए करीब 64.894 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। परिषद ने उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम 1965 की धारा-28 के तहत अधिसूचना भी प्रकाशित कर दी है। इसमें चकमाली में 27.825 हेक्टेयर और अहमदगंज में 37.069 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है। यह कॉरिडोर बेड़ी पुलिया से मुख्य राजमार्ग तक फैलेगा, जो विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा। UP News
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योजना के तहत कुल 369.04 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इसमें आवासीय क्षेत्र के लिए 1534.69 हेक्टेयर, व्यावसायिक क्षेत्र के लिए 183.74 हेक्टेयर, मिश्रित भू-उपयोग के लिए 228.74 हेक्टेयर, यातायात एवं परिवहन के लिए 670.61 हेक्टेयर, मनोरंजन सुविधाओं के लिए 382.21 हेक्टेयर, सार्वजनिक सुविधाओं के लिए 225.94 हेक्टेयर, कार्यालय क्षेत्र के लिए 120.59 हेक्टेयर और लघु उद्योगों के लिए 22.29 हेक्टेयर का उल्लेख किया गया है। UP News
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नगर पालिका परिषद चित्रकूट धाम समेत सीतापुर, खोह, चकभूपत, बंदरकोल, चितहरा, गोकुलपुर, रानीपुर भट्ट, अहमदगंज, डिलौरा, बरमपुर, तरीहां, गढ़वा, बनाड़ी, पयारोड़ी, भरथौल, बिंहारा, रानीपुर माफी, शिवरामपुर, छुट्टा, चकला, कसहाई, बरेठा, बनवारीपुर, नारायणपुर, कोल गदिया, खोह, सिद्धपुर, मधैयन समेत कुल 43 राजस्व गांव इस योजना के दायरे में आएंगे। UP News
उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के अभियंता नंद किशोर के मुताबिक, यह योजना शहर की आवासीय समस्या का स्थायी समाधान है। इससे चित्रकूट का सुनियोजित और तेजी से शहरी विकास होगा। समाजसेवी राजेश द्विवेदी और चंद्रभूषण ने कहा कि यह योजना चित्रकूट के भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगी। UP News
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