चित्रकूट में भाद्रपद अमावस्या पर 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। बाढ़ के बाद 300 सफाईकर्मियों ने धाम क्षेत्र तैयार किया, 1500 पुलिसकर्मी तैनात हैं।

UP News: उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी चित्रकूट में भाद्रपद अमावस्या के अवसर पर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि हाल ही में आई भीषण बाढ़ की तस्वीरें पीछे छूटती नजर आईं। महामंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के बाद धाम क्षेत्र में बड़ी चुनौती के बावजूद प्रशासन ने युद्धस्तर पर तैयारियां पूरी कीं। रामघाट से लेकर कामदगिरि परिक्रमा मार्ग तक सफाई अभियान चलाकर मलबा और कीचड़ हटाया गया। शुक्रवार को तड़के से ही देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे लाखों श्रद्धालु मंदाकिनी में स्नान और कामदगिरि की परिक्रमा के लिए पहुंचते रहे।
भाद्रपद अमावस्या के पर्व पर चित्रकूट में करीब 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। पतित-पावनी मंदाकिनी में आस्था की डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु भगवान कामदगिरि की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। भारी भीड़ के चलते रामघाट और परिक्रमा मार्ग पर लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है।
हाल ही में महामंदाकिनी नदी में आई बाढ़ ने चित्रकूट के कई इलाकों को प्रभावित किया था। बाढ़ का पानी उतरने के बाद रामघाट और कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में मलबा, गंदगी और कीचड़ जमा हो गया था। अमावस्या मेले में लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती धाम क्षेत्र को समय रहते साफ कराना था। नगर पालिका के 300 से अधिक सफाईकर्मियों ने दिन-रात मेहनत कर मलबा और कीचड़ हटाया। घाटों और प्रमुख मार्गों की सफाई के साथ श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने पर विशेष जोर दिया गया। समय रहते सफाई पूरी होने से अमावस्या पर्व पर श्रद्धालुओं को अपेक्षाकृत स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सका।
अमावस्या के अवसर पर चित्रकूट पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदाकिनी स्नान और कामदगिरि की परिक्रमा विशेष धार्मिक महत्व रखती है। सुबह से ही रामघाट सहित विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। स्नान के बाद भक्त कामदगिरि परिक्रमा मार्ग की ओर बढ़ते रहे। लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण धर्मनगरी का पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास भी सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन की टीमें लगातार सक्रिय रहीं।
भारी भीड़ को देखते हुए चित्रकूट पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में 1500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। रामघाट, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं। भीड़ के बीच किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार सक्रिय हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है।
मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। रामघाट, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग और भीड़भाड़ वाले संवेदनशील क्षेत्रों की ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। ड्रोन से प्राप्त फुटेज के आधार पर भीड़ की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। जहां भी भीड़ का दबाव बढ़ रहा है, वहां तैनात सुरक्षा बलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। इस व्यवस्था को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस का ‘ड्रोन कवच’ माना जा रहा है। यातायात को नियंत्रित रखने के लिए बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक के साथ निर्धारित पार्किंग और रूट डायवर्जन व्यवस्था लागू की गई है। वहीं मंदाकिनी के गहरे जल क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और जल पुलिस की तैनाती की गई है।
बाढ़ की चुनौती के बाद जिस तेजी से प्रशासन ने धाम क्षेत्र को मेले के लिए तैयार किया, वह इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ लाखों श्रद्धालुओं की आस्था चित्रकूट पहुंची है तो दूसरी तरफ पुलिस, नगर पालिका और प्रशासन की टीमें व्यवस्था संभालने में जुटी हैं। बाढ़ के घावों के बीच भाद्रपद अमावस्या पर उमड़ी यह आस्था चित्रकूट की धार्मिक पहचान और लोगों की गहरी आस्था की तस्वीर पेश कर रही है। UP News:
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