चित्रकूट जिले की 13 सहकारी समितियों को ई-पैक्स घोषित किया गया है। अब किसान मोबाइल के जरिए खाद की उपलब्धता और ऋण खातों की स्थिति जान सकेंगे। पढ़े पूरी खबर।

UP News:चित्रकूट जिले की 13 सहकारी समितियों को आधिकारिक तौर पर 'ई-पैक्स' घोषित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य प्राथमिक कृषि ऋण समिति (PACS) कंप्यूटरीकरण योजना के माध्यम से सेवाओं का आधुनिकीकरण और पारदर्शिता बढ़ाना है। कार्यान्वयन के पहले चरण में इन 13 समितियों को पूरी तरह से पेपरलेस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। डिजिटल अपग्रेड के तहत शेयर पूंजी, उर्वरक और बीज स्टॉक, ऋण वितरण और वसूली के आंकड़ों सहित सभी व्यापक रिकॉर्ड केंद्र सरकार के ई-पैक्स पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं। इस बदलाव से कृषि क्षेत्र की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आने की उम्मीद है। UP News
सहकारिता के सहायक आयुक्त और सहायक रजिस्ट्रार प्रकाश उपाध्याय के अनुसार, इस कदम से किसान अब अपने मोबाइल उपकरणों के माध्यम से सीधे उर्वरक की उपलब्धता और अपने ऋण खाते की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन्हें समितियों में शारीरिक रूप से जाने की आवश्यकता नहीं होगी। UP News
प्रशासन का लक्ष्य जिले की शेष 26 सहकारी समितियों का डिजिटलीकरण एक महीने के भीतर पूरा करना है। यह परियोजना मैनुअल रिकॉर्ड-कीपिंग की जगह लेगी, जिसमें पहले हाथ से लिखे रजिस्टरों और पर्चियों का उपयोग होता था। अधिकारियों के अनुसार, पुरानी व्यवस्था में त्रुटियों, अनियमितताओं और कुप्रबंधन की संभावना रहती थी। UP News
कई स्थानों पर कंप्यूटर जैसे हार्डवेयर पहुंचा दिए गए हैं, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि परियोजना को कुछ तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें इंटरनेट कनेक्टिविटी की अस्थिरता, बिजली आपूर्ति की समस्याएं और प्रशिक्षित ऑपरेटरों की कमी शामिल है। इन बाधाओं के बावजूद, अधिकारी जिले की सभी 39 समितियों को नए डिजिटल ढांचे के तहत लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसका उद्देश्य कृषि समुदाय के लिए पारदर्शी संचालन और समय पर सेवाएं सुनिश्चित करना है। UP News
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