क्या चित्रकूट में दीपदान मेले से पहले मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से श्रद्धालुओं को स्नान और दीपदान के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा ? उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में छह नवंबर से शुरू होने वाले पांच दिवसीय दीपदान मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में दीपदान मेले में मंदाकिनी नदी में स्नान करने वाले लाखों श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए उतारा पुल के पास स्थित बैराज में फाटक लगाए गए हैं। 29 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में बैराज के सभी 30 फाटक बह गए थे। इससे रामघाट समेत अन्य घाटों पर नदी का जलस्तर काफी नीचे चला गया था। छह नवंबर से शुरू होने वाले पांच दिवसीय दीपदान मेले में 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए चित्रकूट नगर परिषद ने जेसीबी से मलबा हटवाकर फाटक लगाने की व्यवस्था कराई है, ताकि नदी में पानी रोककर घाटों पर स्नान और दीपदान के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सके।बाढ़ के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर घटकर सामान्य 123.500 मीटर पर पहुंच गया था। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता देवेंद्र शुक्ला ने बताया कि बैराज के फाटक बंद होने के बाद जलस्तर बढ़कर 124.100 मीटर तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे रामघाट पर श्रद्धालुओं को स्नान के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। जलस्तर कम होने के कारण पहले घाट की सात सीढ़ियां पानी से बाहर थीं। अब जलस्तर बढ़ने पर चार से पांच सीढ़ियां खुली रहने की स्थिति बनने की उम्मीद है। इससे श्रद्धालुओं को सीढ़ियों पर बैठकर स्नान करने में सहूलियत होगी। UP News
यह भी पढ़ें : प्रतापगढ़ में किसान निधि में बड़ा हेर—फेर, 500 करोड़ की ठगी का खुलासा
दीपदान मेले की तैयारियों में उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश का प्रशासन जुटा है। रामघाट और भरतघाट पर भीड़ बढ़ने के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु फुट ओवरब्रिज से मध्यप्रदेश की सीमा में स्थित राघव प्रयाग घाट पहुंचते हैं। यहां सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण पूर्व में डूबने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को स्नान की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। UP News
इसे भी पढ़ें : करवा चौथ की तैयारी के बीच प्रधानाध्यापक ने दी जान, पत्नी बोली-किसके लिए रखूं व्रत
उत्तर प्रदेश प्रशासन ने रामघाट पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कराने के लिए वाटर बैरियर लगाए हैं। इसके अलावा बूड़े हनुमान जी घाट पर भी स्नान की व्यवस्था की जा रही है। बैराज में नए फाटक लगाए जाने से मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है। अब मेले से पहले घाटों पर साफ-सफाई, स्नान की सुविधाओं और सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त करना प्रशासन के लिए अहम होगा। UP News
विज्ञापन