उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में एक बड़े सड़क प्रोजेक्ट को लेकर हलचल तेज हो गई है। चित्रकूट को मिलने वाली इस नई कनेक्टिविटी से दिल्ली और लखनऊ तक का सफर किस तरह बदल सकता है? जानिए एक्सप्रेसवे की पूरी योजना और इससे जुड़े अहम अपडेट।

UP News : उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। चित्रकूट को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रस्तावित चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए एमकेसी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MKC Infrastructure Limited) का चयन किया गया है। कंपनी ने वित्तीय निविदा प्रक्रिया में सबसे कम बोली लगाकर यह जिम्मेदारी हासिल की है। इस परियोजना के तहत 15.172 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इसका निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड पर किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद चित्रकूट की सड़क कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किया गया था। इसके तहत कुल चार कंपनियों ने अपनी निविदाएं जमा की थीं। 29 अक्टूबर को मूल्यांकन समिति की बैठक में निविदाओं की जांच की गई। इस दौरान दो कंपनियों को तकनीकी रूप से योग्य पाया गया। इसके बाद मंगलवार को अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक कुमार की अध्यक्षता में वित्तीय निविदाएं खोली गईं। वित्तीय प्रस्तावों की जांच में एमकेसी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की बोली सबसे कम पाई गई। इसके आधार पर कंपनी को इस परियोजना के निर्माण के लिए चयनित किया गया है।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण होने से धर्मनगरी चित्रकूट को प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश की राजधानी दिल्ली से बेहतर सड़क संपर्क मिल सकेगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के माध्यम से यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। इससे चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी लाभ मिल सकता है। बेहतर सड़क नेटवर्क से यात्रा का समय कम करने और आवागमन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे केवल धार्मिक पर्यटन के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास में भी इसकी अहम भूमिका हो सकती है। इस एक्सप्रेसवे के जरिए बुंदेलखंड क्षेत्र में विकसित हो रहे डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक कॉरिडोर को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे उद्योगों तक माल और संसाधनों की आवाजाही आसान होने के साथ क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इस संबंध में आयोजित बैठक में यूपीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही, वित्त नियंत्रक संजय सिंह सहित परियोजना से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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