चित्रकूट में शरद पूर्णिमा पर रामघाट और कामदगिरि में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। खीर के लिए दूध की मांग बढ़ने से कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंची। शरदोत्सव में भजन जैमिंग कॉन्सर्ट आकर्षण का केंद्र रहा। पढ़े पूरी खबर।

रामघाट और कामदगिरि में जुटे श्रद्धालु, नानाजी देशमुख के 110वें जन्मदिवस पर शरदोत्सव का शुभारंभ, भजन जैमिंग कॉन्सर्ट में झूमे श्रोता
UP News:भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में शरद पूर्णिमा का पर्व रविवार को धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। मंदाकिनी नदी में स्नान, कामदगिरि की पंचकोसी परिक्रमा और प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। पर्व पर करीब दो लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान जताया गया। शनिवार से ही रामघाट और कामदगिरि क्षेत्र में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। वहीं, नानाजी देशमुख के 110वें जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय पारंपरिक एवं गायकी केंद्रित बहुरंगी कला उत्सव ‘शरदोत्सव’ का भी शुभारंभ हुआ। UP News
शरदोत्सव के शुभारंभ अवसर पर टीकमगढ़ के सुप्रसिद्ध भजन गायक पवन तिवारी और ‘रूट्स: नादात्म’ की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। भजनों की आधुनिक धुनों पर श्रोता झूमते नजर आए। पारंपरिक भक्ति संगीत और आधुनिक संगीत के संगम ने कार्यक्रम को खास बना दिया। तीन दिवसीय उत्सव में कला, संगीत और आध्यात्मिक परंपराओं की विविधता देखने को मिलेगी। UP News

शरद पूर्णिमा पर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा अपनी सभी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। इस रात चांदनी में खीर रखने और अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की परंपरा है। इसी मान्यता के चलते घरों और मंदिरों में खीर बनाने की तैयारियां की गईं। श्रद्धालुओं ने शरद पूर्णिमा की चांदनी में खीर रखी और उत्सव के दौरान भी लोगों ने खीर का आनंद लिया। UP News
शरद पूर्णिमा पर खीर बनाने की परंपरा का असर बाजार में भी दिखाई दिया। दूध की मांग बढ़ने से कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई। पर्व के चलते लोग दूध के साथ चावल और मेवे की खरीदारी करते नजर आए। घरों में खीर तैयार करने के लिए महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से चूल्हे पर दूध पकाया। बाजारों में देर तक चहल-पहल बनी रही। UP News
शनिवार से ही रामघाट और कामदगिरि क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगी थी। श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में स्नान कर पूजा-अर्चना की और कामदगिरि की परिक्रमा लगाई। प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भी लोग पहुंचे। धर्मनगरी में पर्व को लेकर उत्साह का माहौल रहा। UP News
शरद पूर्णिमा का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला से भी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पूर्णिमा की रात भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ महारास रचाया था। इसी वजह से वैष्णव परंपरा में इस पर्व का विशेष महत्व है। चित्रकूट में भगवान श्रीराम के भक्तों के साथ कृष्णभक्तों ने भी श्रद्धा और उत्साह के साथ पर्व मनाया। UP News
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