चित्रकूट में नानाजी देशमुख की 110वीं जयंती पर आयोजित शरदोत्सव का आज दूसरा दिन है। 26 अक्टूबर को श्रीकृष्ण बाल लीला और आशा वैष्णव के भक्ति गीतों की प्रस्तुति होगी। दीनदयाल परिसर में शाम 7 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 27 अक्टूबर को सुगम संगीत के साथ उत्सव का समापन होगा।

UP News: भारत रत्न राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की 110वीं जयंती के अवसर पर चित्रकूट में आयोजित तीन दिवसीय शरदोत्सव का आज दूसरा दिन है। 25 अक्टूबर से शुरू हुए इस सांस्कृतिक आयोजन में भक्ति संगीत, श्रीकृष्ण बाल लीला और सुगम संगीत की प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। 27 अक्टूबर तक चलने वाले इस उत्सव के कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 7 बजे से दीनदयाल परिसर में आयोजित किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश संस्कृति संचालनालय, दीनदयाल शोध संस्थान और जिला प्रशासन सतना के संयुक्त आयोजन में हो रहे शरदोत्सव को लेकर तैयारियां की गई हैं। सतना के कलेक्टर डॉ. सतीश एस. कुमार और पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह सहित अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।
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शरदोत्सव के दूसरे दिन, 26 अक्टूबर को अभिनय कला की प्रस्तुति के साथ नृत्य अकादमी की ओर से श्रीकृष्ण बाल लीला का मंचन किया जाएगा। इसके साथ ही आशा वैष्णव भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भक्ति संगीत से जोड़ेंगी। दीनदयाल परिसर में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। आयोजन के माध्यम से भारतीय संस्कृति, भक्ति परंपरा और संगीत की विविध विधाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है।

तीन दिवसीय शरदोत्सव का समापन 27 अक्टूबर को होगा। अंतिम दिन मेहर वाघवेंद्र और श्रीराम अय्यर सुगम संगीत की प्रस्तुतियां देंगे। उनकी प्रस्तुतियों के साथ शरदोत्सव की सांस्कृतिक संध्याओं का समापन होगा।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर दीनदयाल परिसर में खीर प्रसाद का वितरण भी किया जाएगा। इस आयोजन में संगीत, भक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का संगम देखने को मिलेगा। नानाजी देशमुख की 110वीं जयंती के अवसर पर आयोजित यह शरदोत्सव चित्रकूट की सांस्कृतिक परंपरा को सामने लाने के साथ ही स्थानीय श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है।
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