चित्रकूट में 11 हेक्टेयर में श्रीराम वन एवं सांस्कृतिक पार्क विकसित हो रहा है। 18 फीट ऊंची वनवासी श्रीराम प्रतिमा, अशोक वाटिका, सीता रसोई और राशि वन होंगे खास आकर्षण।

11 हेक्टेयर में संवर रही रामायणकालीन संस्कृति, वनवासी स्वरूप में विराजेंगे 18 फीट ऊंचे प्रभु श्रीराम
UP News : भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में इस दिवाली श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक खास सौगात मिलने जा रही है। चित्रकूट मार्ग पर रजौला के पास वन विभाग की ओर से 11 हेक्टेयर क्षेत्र में श्रीराम वन एवं सांस्कृतिक पार्क विकसित किया जा रहा है। रामायणकालीन संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को समेटे इस पार्क का सबसे बड़ा आकर्षण वनवासी स्वरूप में स्थापित होने वाली भगवान श्रीराम की 18 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा होगी। करीब 12.13 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने पर चित्रकूट के धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। पार्क को रामायण की थीम पर विकसित किया जा रहा है। परिसर में अशोक वाटिका, सीता रसोई और कामदगिरि पर्वत समेत भगवान श्रीराम से जुड़े विभिन्न प्रसंगों और स्थलों की झलक देखने को मिलेगी। हरियाली से आच्छादित इस परिसर में पर्यटकों के लिए दो बड़े तालाब विकसित किए गए हैं, जहां बोटिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले और बांस वन सहित कई आकर्षण भी तैयार किए जा रहे हैं।
पार्क में भारत का विशाल नक्शा तैयार किया गया है। इसके माध्यम से भगवान श्रीराम से जुड़े प्रमुख स्थलों और चित्रकूट में उनके प्रवास से संबंधित स्थानों को दर्शाया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रामायणकालीन यात्रा तथा उससे जुड़े धार्मिक स्थलों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। UP News
श्रीराम वन एवं सांस्कृतिक पार्क में धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्रमुखता दी गई है। यहां राशि वन में विभिन्न राशियों से संबंधित पौधे, नक्षत्र वन में नक्षत्रों से जुड़ी वनस्पतियां और आरोग्य वन में औषधीय पौधे लगाए गए हैं। योगा वन में योगासनों को दर्शाती प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। पूरे परिसर में विभिन्न प्रजातियों के करीब 15 हजार पौधे लगाए गए हैं। इस तरह पार्क धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति, आयुर्वेद और योग की परंपरा से भी पर्यटकों को परिचित कराएगा। UP News
श्रीराम वन एवं सांस्कृतिक पार्क की आधारशिला जून 2023 में रखी गई थी। परियोजना की कुल लागत करीब 12.13 करोड़ रुपये है, जबकि पहले चरण का काम 5.50 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। वन विभाग की ओर से पार्क में विभिन्न सुविधाओं और आकर्षणों को विकसित किया जा रहा है। क्षेत्रीय वनाधिकारी अभिषेक मिश्रा सतना के अनुसार, वन विभाग का प्रयास है कि श्रीराम वन एवं सांस्कृतिक पार्क चित्रकूट को एक अलग पहचान दिलाए। पार्क को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक धार्मिक महत्व के साथ प्राकृतिक वातावरण का भी आनंद ले सकें। UP News
वन विभाग के अनुसार, भोपाल, उज्जैन और छतरपुर (खजुराहो) के पास इस तरह के पार्क विकसित किए गए हैं। चित्रकूट में तैयार हो रहा श्रीराम वन एवं सांस्कृतिक पार्क प्रदेश का चौथा ऐसा पार्क होगा। इसके विकसित होने से चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं को एक नया पर्यटन स्थल मिलेगा। साथ ही धार्मिक पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। UP News
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