चित्रकूट के मानिकपुर तहसील में सैकड़ों आदिवासी ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग उन्हें खेतों में जुताई और बुआई करने से रोक रहा है। पढ़े पूरी खबर।

UP News: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में वन विभाग के खिलाफ आदिवासी ग्रामीणों का विरोध सामने आया है। शनिवार, 17 अक्टूबर को मानिकपुर तहसील परिसर में सैकड़ों आदिवासी ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन कर अपनी समस्याएं उठाईं। प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें अपने खेतों में जुताई और बुआई करने से रोका जा रहा है। ग्रामीणों ने उप-जिलाधिकारी (SDM) को एक औपचारिक शिकायत सौंपी है, जिसमें इस मामले की जांच करने और उनकी कृषि गतिविधियों में आने वाली बाधाओं को हटाने की मांग की गई है। यह विरोध प्रदर्शन उनकी वार्षिक आजीविका को बचाने के लिए किया गया है। UP News
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि वे कई वर्षों से इस जमीन पर खेती कर रहे हैं और कई परिवार इसी परिसर में झोपड़ियों में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुआई के महत्वपूर्ण सीजन के दौरान वन विभाग का हस्तक्षेप उन्हें खेती करने से रोक रहा है। UP News
ग्रामीणों ने अपने आर्थिक अस्तित्व को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि खेती और शारीरिक श्रम ही उनकी आय के प्राथमिक स्रोत हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वन विभाग और राजस्व विभाग के पास मौजूद भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाए ताकि भूमि स्वामित्व और स्थिति स्पष्ट हो सके। UP News
इस प्रदर्शन में मानिकपुर के पूर्व विधानसभा उम्मीदवार और जन अधिकार पार्टी के राज्य सचिव अधिवक्ता शिवपूजन कोल ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि गरीब आदिवासी परिवारों के शोषण और उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिवपूजन कोल ने जोर देकर कहा कि अधिकारियों को उनकी आजीविका को प्रभावित करने वाले मुद्दों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान नहीं हुआ और कथित अन्याय जारी रहा, तो वे अपने अधिकारों और जीवन यापन के साधनों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष शुरू करेंगे। UP News
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