चित्रकूट के जुड़वां भाइयों कुशाग्र और यशाग्र त्रिपाठी ने UPCA की अंपायरिंग परीक्षा पास की। 97 अभ्यर्थियों में सिर्फ 14 सफल हुए, दोनों भाई बने स्टेट पैनल अंपायर।

UP News : प्रतिभा और मेहनत के दम पर चित्रकूट के मऊ क्षेत्र स्थित कोटरा खांभा गांव के जुड़वां भाइयों कुशाग्र और यशाग्र त्रिपाठी ने क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। दोनों भाइयों ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की राज्य स्तरीय अंपायरिंग परीक्षा एक साथ पास कर स्टेट पैनल अंपायर बनने का गौरव हासिल किया है। एक ही परीक्षा में दोनों की सफलता से परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके में खुशी की लहर है।
पूर्व ICC अंपायर अनिल चौधरी के निर्देशन में आयोजित UPCA की राज्य स्तरीय अंपायरिंग परीक्षा में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कुल 97 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा के परिणाम में केवल 14 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। खास बात यह रही कि सफल अभ्यर्थियों में कुशाग्र और यशाग्र दोनों ने जगह बनाई। दोनों भाई चौधरी नौनिहाल सिंह क्रिकेट एकेडमी में कोच मोहम्मद आसिफ के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं। क्रिकेट के प्रति उनकी रुचि और लगातार अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
कुशाग्र और यशाग्र के पिता अखिलेश त्रिपाठी हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। इसके साथ ही वह BCCI स्कोरर और UPCA स्टेट पैनल अंपायर भी हैं। क्रिकेट से उनके जुड़ाव ने दोनों भाइयों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनकी मां रंजना त्रिपाठी हैं। दोनों भाइयों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने बाबा स्वर्गीय छोटेलाल त्रिपाठी को दिया है, जो पुलिस विभाग में डिप्टी एसपी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
इसी दौरान BCCI एजुकेटर एवं अंपायर पी. जयपाल के निर्देशन में राज्य स्तरीय स्कोरिंग परीक्षा भी आयोजित की गई। इसमें 33 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जिनमें से पांच को सफलता मिली। ACA के संयुक्त संयोजक (प्रबंधन) सोमेश्वर पांडेय ने बताया कि अगस्त में कानपुर में आयोजित परीक्षा के लिए एसोसिएशन की ओर से उनका नाम भेजा गया था। उन्होंने स्कोरिंग की बारीकियां बीसीसीआई स्कोरर अखिलेश त्रिपाठी से सीखी थीं। UP News
कुशाग्र और यशाग्र की उपलब्धि पर सपा यूथ ब्रिगेड के प्रदेश सचिव अजय राज त्रिपाठी, अंशू बलुआ, कल्लू बलुआ समेत क्षेत्र के कई लोगों ने उन्हें बधाई दी है। लोगों ने दोनों भाइयों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे भी क्रिकेट के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। एक साथ अंपायरिंग परीक्षा पास कर स्टेट पैनल में जगह बनाने वाले इन जुड़वां भाइयों की सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है। UP News
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