चर्च की संपत्ति और सुरक्षा को लेकर विवाद सामने आया है। पादरी जसपाल भट्टी निलंबित हैं और आरोपों की जांच के लिए इंक्वायरी कमिशन गठित किया गया है।

UP News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में सेवेंथ-डे एडवेंटिस्ट चर्च की संपत्ति और परिसर की सुरक्षा को लेकर विवाद सामने आया है। अपर गंगेज सेक्शन प्रशासन की ओर से स्थानीय पुलिस को सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के संबंध में पूर्व सूचना दी गई है। संगठन के अध्यक्ष पादरी बरकत मसीह के अनुसार, सहारनपुर का चर्च संगठन के अधीन आता है और पादरी जसपाल भट्टी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। संगठन का कहना है कि जसपाल भट्टी को संगठनात्मक स्तर पर निलंबित कर उनके अधिकार वापस ले लिए गए हैं। उनके खिलाफ सामने आई शिकायतों और आरोपों की जांच के लिए संगठन की ओर से इंक्वायरी कमीशन का गठन किया गया है।
सहारनपुर स्थित चर्च परिसर और उससे जुड़ी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी है। संगठन के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए चर्च की संपत्ति, रिकॉर्ड और भवन की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरती जा रही है। पादरी बरकत मसीह के मुताबिक, चर्च संगठन के अधीन है और नए पादरी की नियुक्ति होने तक परिसर की देखरेख की जिम्मेदारी अधिकृत स्वयंसेवक को दी गई है। प्रशासन की ओर से पुलिस को दी गई सूचना में संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। चर्च भवन, मुख्य गेट, पादरी कार्यालय, रिकॉर्ड और अन्य संपत्तियों की सुरक्षा के लिए ताले लगाने और 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था रखने की बात कही गई है।
संगठन के अध्यक्ष पादरी बरकत मसीह के अनुसार, जसपाल भट्टी के खिलाफ सामने आई शिकायतों और आरोपों की जांच के लिए इंक्वायरी कमीशन गठित किया गया है। संगठन का कहना है कि जांच पूरी होने तक जसपाल भट्टी को संगठनात्मक स्तर पर निलंबित किया गया है और उनसे संबंधित अधिकार वापस ले लिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, चर्च परिसर के कुछ पेड़ों को बेचे जाने, चर्च की संपत्ति बेचने के लिए कथित तौर पर अग्रिम धनराशि लेने और कुछ स्वयंसेवकों पर धनराशि को लेकर दबाव बनाने जैसे आरोपों की जांच की जा रही है।प्रशासन के मुताबिक, चर्च सदस्यों से प्राप्त दान की पूरी रसीद नहीं दिए जाने से संबंधित शिकायतों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। इन आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। UP News:
नए पादरी की नियुक्ति होने तक चर्च की देखरेख की जिम्मेदारी अधिकृत स्वयंसेवक रजनीश कुमार को सौंपे जाने की जानकारी दी गई है। चर्च प्रशासन का कहना है कि इस दौरान भवन, कार्यालय, रिकॉर्ड और अन्य संपत्तियों की सुरक्षा प्राथमिकता रहेगी। चर्च से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाने की बात कही गई है। चर्च भवन के मुख्य गेट, पादरी कार्यालय और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर ताले लगाने के साथ सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जानकारी दी गई है। पादरी बरकत मसीह के मुताबिक, चर्च की संपत्ति की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से परिसर में एक नोटिस बोर्ड लगाया गया था। इसमें संपत्ति से संबंधित चेतावनी और आवश्यक सूचना दी गई थी। उनके अनुसार, बाद में यह नोटिस बोर्ड फाड़ दिया गया। घटना की जानकारी प्रशासन की ओर से पुलिस को दे दी गई है। पुलिस को दी गई सूचना में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति जबरन चर्च परिसर में प्रवेश करने, ताले तोड़ने, संपत्ति या रिकॉर्ड हटाने अथवा नुकसान पहुंचाने का प्रयास करता है तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाए। पादरी बरकत मसीह के अनुसार, थाना स्तर से भी कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
मौजूदा विवाद के बीच प्रशासन चर्च परिसर और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर सतर्क है। पुलिस को दी गई सूचना में संभावित विवाद या जबरन प्रवेश जैसी स्थिति में आवश्यक कार्रवाई और सहायता का अनुरोध किया गया है। फिलहाल संगठन की ओर से गठित जांच समिति द्वारा आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। UP News:
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