प्रदेश के बरेली जिले में नौवीं कक्षा की एक छात्रा की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रा के परिजनों का आरोप है कि सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद वह गहरे मानसिक तनाव में थी।

UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में नौवीं कक्षा की एक छात्रा की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रा के परिजनों का आरोप है कि सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद वह गहरे मानसिक तनाव में थी। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
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परिजनों के अनुसार, छात्रा हाल ही में शहर के एक कैफे गई थी, जहां उसके साथ कुछ युवक भी मौजूद थे। इसी दौरान वहां विवाद की स्थिति बनी और मौके पर मौजूद लोगों ने छात्रा के फोटो और वीडियो बना लिए। आरोप है कि बाद में यही सामग्री सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी। परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद छात्रा लगातार तनाव में रहने लगी। वह लोगों से मिलने-जुलने से बचने लगी थी और मानसिक रूप से काफी परेशान दिखाई दे रही थी। हालांकि पुलिस अभी यह जांच कर रही है कि वायरल सामग्री और छात्रा की मौत के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं।
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मृतका के परिजनों ने दो युवकों के अलावा एक क्लीनिक संचालक और कैफे संचालक पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि पूरी घटना एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी, जिसकी वजह से छात्रा को सामाजिक और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा।
परिवार ने संबंधित सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत को रिकॉर्ड कर लिया है और आरोपों की सत्यता की जांच शुरू कर दी है।
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परिजनों के मुताबिक, मंगलवार रात छात्रा काफी देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं आई। जब दरवाजा नहीं खुला तो परिवार के लोगों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर छात्रा फंदे से लटकी मिली। घटना की सूचना मिलते ही बिथरी चैनपुर थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट से मौत के कारणों की पुष्टि होगी।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए फोटो और वीडियो, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तथा संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
बताया गया है कि एक युवक से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि छात्रा की तस्वीरें और वीडियो सबसे पहले किसने रिकॉर्ड किए, उन्हें सोशल मीडिया पर किसने अपलोड किया और वे किन-किन प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए। डिजिटल फॉरेंसिक जांच के जरिए इन सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले से जुड़े फोटो, वीडियो या अपुष्ट जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें, क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है और पीड़ित परिवार की निजता पर भी असर पड़ सकता है।
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