विज्ञापन
उत्तर प्रदेश सरकार पिछड़ा वर्ग (OBC) के युवाओं को बदलते तकनीकी दौर के अनुरूप तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब केवल कंप्यूटर शिक्षा तक सीमित रहने के बजाय छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार पिछड़ा वर्ग (OBC) के युवाओं को बदलते तकनीकी दौर के अनुरूप तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब केवल कंप्यूटर शिक्षा तक सीमित रहने के बजाय छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने इसके लिए नई योजना का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। इसके साथ ही जिन जिलों में ओबीसी विद्यार्थियों के लिए छात्रावास नहीं हैं, वहां नए हॉस्टल बनाने की भी तैयारी शुरू कर दी गई है। UP News
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से फिलहाल ओबीसी वर्ग के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जाता है। इस योजना के तहत विद्यार्थियों को 'ओ लेवल' और 'सीसीसी (CCC)' जैसे कोर्स कराए जाते हैं। अब विभाग का मानना है कि डिजिटल युग में केवल कंप्यूटर की जानकारी पर्याप्त नहीं है, इसलिए युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों से भी जोड़ना जरूरी है। इसी उद्देश्य से विभाग ने 'मुख्यमंत्री तकनीकी दक्षता प्रशिक्षण योजना' का प्रस्ताव तैयार किया है। इस योजना के लागू होने पर कंप्यूटर प्रशिक्षण के साथ-साथ एआई आधारित स्किल डेवलपमेंट भी कराया जाएगा, जिससे छात्र भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। UP News
विभाग का मानना है कि आने वाले वर्षों में एआई आधारित तकनीकों की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में यदि विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर पर ही आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है, तो उनके लिए निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। प्रस्तावित योजना को मौजूदा कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ जोड़कर संचालित करने की तैयारी की गई है। तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ सरकार ओबीसी छात्र-छात्राओं के लिए आवासीय सुविधाओं का भी विस्तार करने जा रही है। विभाग ने 'मुख्यमंत्री छात्रावास निर्माण योजना' का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत उन सात जिलों में नए छात्रावास बनाए जाएंगे, जहां वर्तमान में ओबीसी विद्यार्थियों के लिए कोई हॉस्टल उपलब्ध नहीं है। UP News
पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप के अनुसार, राज्य में अब तक ओबीसी छात्र-छात्राओं के लिए 102 छात्रावास बनाए जा चुके हैं। इनमें 59 छात्रावास छात्रों और 43 छात्रावास छात्राओं के लिए हैं। इनकी कुल आवासीय क्षमता लगभग 5,400 विद्यार्थियों की है। मंत्री ने बताया कि नए छात्रावासों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से 24 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही केंद्र से राशि स्वीकृत होगी, संबंधित जिलों में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। UP News
विज्ञापन