उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर बड़ा असर डाला है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों से फसल नुकसान की खबरें सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को तुरंत सक्रिय होने के निर्देश दिए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर बड़ा असर डाला है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों से फसल नुकसान की खबरें सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को तुरंत सक्रिय होने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि उत्तर प्रदेश में किसानों के हित सर्वोपरि हैं और जिन इलाकों में फसलें प्रभावित हुई हैं, वहां बिना देरी राहत प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे केवल कागजी रिपोर्टों पर निर्भर न रहें, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में जाकर स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करें। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में उतरकर फसल क्षति का वास्तविक ब्यौरा जुटाने और शासन को तत्काल रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता किसानों को समय पर राहत पहुंचाना है। उन्होंने राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को मिलकर संयुक्त सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि फसलों को हुए नुकसान की सही तस्वीर सामने आ सके। सरकार चाहती है कि सर्वे रिपोर्ट बिना देरी शासन तक पहुंचे, जिससे मुआवजे की प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में किसी भी प्रभावित किसान को राहत के लिए अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ काम करने और राहत व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
फसल बर्बादी की आशंका के बीच मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के साथ पूरी गंभीरता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आपदा की इस स्थिति में राहत कार्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि प्रभावित किसानों तक उसका लाभ तेजी से पहुंचे। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों में प्रभावित गांवों और खेतों का दौरा करें, स्थानीय स्तर पर रिपोर्ट तैयार कराएं और यह सुनिश्चित करें कि नुकसान का आकलन वास्तविक स्थिति के आधार पर हो। योगी सरकार का जोर इस बात पर है कि उत्तर प्रदेश के किसानों को सही समय पर सही सहायता मिले।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव कृषि और राहत आयुक्त को भी निर्देशित किया है कि वे फील्ड में काम कर रहे अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में रहें। उत्तर प्रदेश सरकार चाहती है कि हर जिले से फसल नुकसान से जुड़ी जानकारी समय पर संकलित हो और राहत कार्यों में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए। सरकार ने साफ किया है कि जैसे ही क्षति का आकलन पूरा हो, मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि भुगतान की व्यवस्था समयबद्ध हो, ताकि उत्तर प्रदेश के प्रभावित किसानों को जल्द राहत मिल सके और उन्हें आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिले।
फसल नुकसान की सूचना देने के लिए उत्तर प्रदेश के किसानों को कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार ने टोल-फ्री नंबर 14447 जारी किया है, जिस पर किसान अपनी फसल क्षति की जानकारी तुरंत दर्ज करा सकते हैं। यह सुविधा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना से जुड़े किसानों के लिए खास तौर पर उपयोगी मानी जा रही है। इसके अलावा किसान क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के जरिए भी नुकसान की सूचना दर्ज कर सकते हैं। व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 7065514447 भी किसानों के लिए उपलब्ध कराया गया है। वहीं, योजनाओं से जुड़ी विस्तृत और आधिकारिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश के किसान फसल बीमा पोर्टल pmfby.gov.in पर भी जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। UP News