लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में लंबे भाषणों की परंपरा पर बात की। केशवानंद भारती से पुट्टस्वामी मामले तक का जिक्र कर विद्यार्थियों से कानूनी मुद्दों पर चर्चा की।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दीक्षांत समारोहों में होने वाले लंबे भाषणों की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि वह विद्यार्थियों से उनके कार्यक्षेत्र और भविष्य के करियर को ध्यान में रखकर अलग अंदाज में बात करना चाहते हैं। अपने संबोधन में सीएम योगी ने केशवानंद भारती से लेकर पुट्टस्वामी मामले तक का उल्लेख करते हुए उन कानूनी मुद्दों पर फिर से विचार करने की बात कही, जिन पर अदालतों में अक्सर चर्चा और बहस होती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी दीक्षांत समारोहों में शामिल होते हैं, तो अक्सर भाषण लंबे होते हैं। भाषण विस्तार से दिए जाते हैं और परंपरागत तरीके से कार्यक्रमों में संबोधन होता है। उन्होंने कहा कि वह इस परंपरा से अलग हटकर विद्यार्थियों से कुछ अलग तरीके से बात करना चाहते हैं। सीएम योगी ने कहा, “जब हम दीक्षांत समारोहों में शामिल होते हैं, तो भाषण अक्सर लंबे होते हैं। वे विस्तृत और विस्तारपूर्ण होते हैं। इसलिए इस परंपरा से हटकर मैं आपसे अलग तरीके से बात करना चाहता हूं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों से संवाद करते समय उनके कार्यक्षेत्र और उनके चुने हुए करियर के रास्ते को ध्यान में रखना जरूरी है। उनका संबोधन विशेष रूप से विधि के विद्यार्थियों के लिए प्रासंगिक कानूनी विषयों पर केंद्रित रहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले कई वर्षों से कुछ विषयों पर लगातार चर्चा होती रही है। इन विषयों का उल्लेख कानूनी विमर्श में भी होता है और अदालतों में इन पर बहस की जाती है। उन्होंने कहा, “पिछले कई वर्षों में आपने यहां इन्हीं मुद्दों पर चर्चा सुनी और देखी होगी। केशवानंद भारती मामले से लेकर पुट्टस्वामी मामले तक, कानूनी विमर्श में भी इन विषयों का अक्सर उल्लेख मिलता है। हम अदालतों में भी इन मुद्दों पर चर्चा और बहस करते हैं।” सीएम योगी ने आगे कहा कि इसी वजह से वह विद्यार्थियों को डिग्री मिलने के इस महत्वपूर्ण अवसर पर उन्हीं मुद्दों पर फिर से विचार करने के लिए आए हैं। उनके इस संबोधन में संवैधानिक और कानूनी मामलों की प्रासंगिकता प्रमुख रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए उनके भविष्य के पेशे और कार्यक्षेत्र से जुड़े विषय महत्वपूर्ण हैं। विधि की पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थी न्यायिक व्यवस्था, वकालत और कानून से संबंधित दूसरे क्षेत्रों में अपना करियर बनाते हैं। ऐसे में कानूनी मामलों और न्यायालयों में होने वाली बहसों को समझना उनके पेशेवर जीवन के लिए उपयोगी हो सकता है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के जरिए विद्यार्थियों के सामने उन मुद्दों को दोबारा रखने की बात कही, जिन पर कानूनी जगत में लंबे समय से चर्चा होती रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों और उन्हें डिग्री प्रदान किए जाने के अवसर के रूप में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री के संबोधन की प्रमुख बात दीक्षांत समारोहों में लंबे भाषणों की परंपरा से अलग हटकर विद्यार्थियों से उनके करियर और कानूनी क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर संवाद करना रही। उन्होंने केशवानंद भारती और पुट्टस्वामी जैसे महत्वपूर्ण मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर फिर से विचार करना जरूरी है।
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