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UP News; योगी आदित्यनाथ सरकार मुस्लिम मतदाताओं को साधने के लिए एक खास रणनीति पर काम कर रही है। वहीं विपक्ष हमलावर बना हुआ है।

UP News; उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी कोई कसर छोड़ना नहीं चाहती है। अपने कोर वोट बैंक ही नहीं उसकी नजर प्रदेश के मुस्लिम मतदाताओं पर भी है। योगी आदित्यनाथ सरकार मुस्लिम मतदाताओं को साधने के लिए विकास-केंद्रित रणनीति पर काम कर रही है। बीजेपी का मुख्य फोकस तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने पर है। इन महिलाओं को घर, स्वास्थ्य बीमा और स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग देने की तैयारी चल रही है।
बीजेपी की रणनीति
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल चुनाव में टीएमसी की हार के बाद बीजेपी यूपी में मुस्लिमों के सामने विकास का विकल्प रखना चाहती है। सरकार का मानना है कि सकारात्मक काम से विपक्ष बेचैन है। तीन तलाक कानून के बाद अब पीड़ित महिलाओं को घर और स्वास्थ्य सुरक्षा देकर बीजेपी निष्पक्ष विकास का संदेश देना चाहती है।
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक पीड़ित महिलाओं की पीड़ा को समझा था। उसी सोच को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगे बढ़ा रहे हैं।
सरकार का संदेश साफ है—योजनाएं धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि जरूरत के आधार पर चलाई जा रही हैं। मुस्लिम समुदाय की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए रोजगार और स्किल ट्रेनिंग से भी जोड़ा जाएगा।
बीजेपी का दावा है कि विपक्ष मुस्लिमों को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करता रहा, जबकि भाजपा उनके वास्तविक विकास पर काम कर रही है। सरकारी योजनाओं का लाभ मुस्लिम समुदाय तक भी पहुंच रहा है।
विपक्ष का पलटवार
समाजवादी पार्टी ने इस पहल को चुनावी स्टंट बताया है। सपा प्रवक्ता अमीक जमई ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी की भाषा मुस्लिमों के प्रति नकारात्मक रही है। उन्होंने पूछा कि जब सूबे की बड़ी आबादी बिना छत के रह रही है और महिलाएं कुपोषण की शिकार हैं, तो सिर्फ तीन तलाक पीड़ितों पर फोकस क्यों? सपा ने बीजेपी पर बुलडोजर कार्रवाई और फेक एनकाउंटर के आरोप भी लगाए। UP News
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