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महिला आरक्षण के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की सियासत मंगलवार को पूरी तरह गरमा गई। उत्तर प्रदेश की सत्ता में काबिज भारतीय जनता पार्टी ने अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर राजधानी लखनऊ में बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन किया।

UP News : महिला आरक्षण के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की सियासत मंगलवार को पूरी तरह गरमा गई। उत्तर प्रदेश की सत्ता में काबिज भारतीय जनता पार्टी ने अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर राजधानी लखनऊ में बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में निकाली गई पदयात्रा के जरिए उत्तर प्रदेश में विपक्ष को सीधे तौर पर घेरने की रणनीति साफ नजर आई। UP News
महिला आरक्षण के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित पदयात्रा की शुरुआत पांच कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास से हुई और इसका समापन विधान भवन के सामने किया गया। उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस मार्च को आगामी चुनावी माहौल और महिला मतदाताओं के बीच संदेश देने की बड़ी कवायद माना जा रहा है। इस पदयात्रा की खास बात यह रही कि मंच पर भाजपा के साथ उत्तर प्रदेश में उसके सहयोगी दल भी एकजुट दिखाई। UP News
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पदयात्रा में प्रमुख चेहरा रहे। उनके साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक भी मौजूद रहे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की सियासत में अहम भूमिका निभाने वाले सहयोगी दलों के नेता आशीष पटेल, ओम प्रकाश राजभर, संजय निषाद और अनिल कुमार ने भी भागीदारी दर्ज कराई। उत्तर प्रदेश में इस संयुक्त उपस्थिति को भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि महिला आरक्षण के सवाल पर एनडीए के भीतर किसी तरह की असहमति नहीं है और पूरा गठबंधन एक स्वर में विपक्ष को चुनौती दे रहा है। UP News
इस पूरे कार्यक्रम की कमान महिलाओं को सौंपना भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रतीकात्मक और रणनीतिक कदम माना जा रहा है। पदयात्रा में भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में महिला संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई। इससे उत्तर प्रदेश में यह संदेश देने की कोशिश हुई कि महिला आरक्षण केवल संसद या विधानसभा का विषय नहीं, बल्कि समाज की व्यापक आकांक्षा से जुड़ा मुद्दा है। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर संगठन स्तर पर भी विशेष सक्रियता दिखाई दी। प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने लखनऊ और बाराबंकी में बैठकों के जरिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। भाजपा की रणनीति यह भी दिखाती है कि वह महिला आरक्षण को उत्तर प्रदेश में बड़े जनसंपर्क अभियान में बदलना चाहती है। भाजपा का यह जनसंपर्क अभियान सिर्फ लखनऊ तक ही सीमित नहीं रहेगा। राजधानी लखनऊ के प्रदर्शन के बाद भाजपा का यह अभियान उत्तर प्रदेश के दूसरे शहरों तक भी पहुंचने वाला है। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि 28 अप्रैल को वाराणसी में इससे भी बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इससे साफ है कि महिला आरक्षण के मुद्दे को उत्तर प्रदेश में एक व्यापक राजनीतिक अभियान का रूप दिया जा रहा है। UP News
पदयात्रा को देखते हुए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सुबह से ही व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया। हजरतगंज, जीपीओ और विधानसभा मार्ग समेत कई प्रमुख रूटों पर यातायात को मोड़ा गया। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए अलग-अलग जिलों से आने वाले लोगों के लिए विशेष इंतजाम किए। उत्तर प्रदेश के कई जिलों से लोगों की संभावित आमद को ध्यान में रखते हुए बसों की व्यवस्था की गई और लखनऊ की सीमाओं पर यातायात को सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी की गई। UP News
महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा ने उत्तर प्रदेश से विपक्ष के खिलाफ आक्रामक राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी अलायंस के अन्य दलों ने महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर अपनी असली सोच उजागर कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल सार्वजनिक रूप से महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन जब नीति निर्माण में भागीदारी देने की बारी आती है, तो पीछे हट जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से ऐतिहासिक पहल की, लेकिन विपक्ष ने इसे आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। उत्तर प्रदेश में भाजपा अब इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष को जनता के बीच घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। UP News
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