आज भी उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश के हर नागरिक और देश का हर नागरिक देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत रहेगा और समाज में किसी भी प्रकार की असहमति या विभाजनकारी सोच को बढ़ावा नहीं देगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में आयोजित ‘एकता यात्रा’ और सामूहिक ‘वंदे मातरम’ कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम का विरोध करने वालों पर सख्त टिप्पणी की है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे लोग न केवल भारत की एकता और अखंडता का अपमान कर रहे हैं, बल्कि समाज में विभाजन पैदा करने वाले पुराने एजेंडे को आज भी सक्रिय रखे हुए हैं। सीएम योगी ने आगे अपने भाषण में कहा - “ऐसे लोग वही मानसिकता रखते हैं जिन्होंने 1947 में देश को तोड़ने की कोशिश की। सीएम योगी ने मोहम्मद अली जिन्ना और जौहर जैसे विभाजनकारी नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि भारत में किसी भी हालत में नया “जिन्ना” पैदा न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का सम्मान हर भारतीय के लिए सर्वोपरि होना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वंदे मातरम का विरोध सीधे तौर पर भारत की अखंडता के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब भी कोई इस राष्ट्रीय प्रतीक के विरोध में आवाज उठाता है, वह देश की एकता के लिए खतरा बनता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वंदे मातरम के विरोध की शुरुआत 1923 में कांग्रेस सत्र के दौरान मोहम्मद अली जिन्ना द्वारा की गई थी। सीएम ने आगे कहा, “आज भी उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश के हर नागरिक और देश का हर नागरिक देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत रहेगा और समाज में किसी भी प्रकार की असहमति या विभाजनकारी सोच को बढ़ावा नहीं देगा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें समाज को जाति, क्षेत्र या भाषा के आधार पर बांटने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर देश के राष्ट्रीय नायकों को सम्मान नहीं मिला और विभाजनकारी तत्व सक्रिय रहे, तो इससे समाज और राष्ट्र की स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। सीएम योगी ने गोरखपुर के लोगों से अपील की कि वे ऐसे तत्वों की पहचान करें और सुनिश्चित करें कि उत्तर प्रदेश और भारत में कोई नया जिन्ना पैदा न हो सके। उन्होंने कहा, “देश की एकता को चुनौती देने वाले किसी भी प्रयास को जड़ से खत्म करना हमारी जिम्मेदारी है।