उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शुक्रवार सुबह एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने राजनीतिक हलकों से लेकर सोशल मीडिया तक सबका ध्यान खींच लिया। गोरखनाथ मंदिर परिसर में सुबह के भ्रमण के दौरान कानपुर से आई नन्हीं यशस्विनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खिलौना बुलडोजर भेंट कर दिया।

UP News : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शुक्रवार सुबह एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने राजनीतिक हलकों से लेकर सोशल मीडिया तक सबका ध्यान खींच लिया। गोरखनाथ मंदिर परिसर में सुबह के भ्रमण के दौरान कानपुर से आई नन्हीं यशस्विनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खिलौना बुलडोजर भेंट कर दिया। मासूम हाथों से दिया गया यह छोटा-सा तोहफा देखते ही वहां मौजूद लोगों के चेहरों पर मुस्कान फैल गई। मुख्यमंत्री भी बच्ची के इस निश्छल स्नेह से अभिभूत नजर आए। उन्होंने यशस्विनी को अपने पास बुलाकर प्यार से बात की, उसके साथ तस्वीर खिंचवाई और मन लगाकर पढ़ाई करने की सीख दी। इस आत्मीय मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने स्नेहपूर्वक वह खिलौना बच्ची को वापस सौंप दिया। बच्ची के चेहरे पर झलकती खुशी ने पूरे माहौल को और भी भावुक बना दिया। उत्तर प्रदेश की इस दिल छू लेने वाली मुलाकात का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी साझा किया है।
उत्तर प्रदेश की सियासत और प्रशासनिक शैली से जुड़े प्रतीकों में ‘बुलडोजर’ एक चर्चित पहचान बन चुका है। ऐसे में एक नन्हीं बच्ची द्वारा मुख्यमंत्री को खिलौना बुलडोजर भेंट किया जाना लोगों को और भी दिलचस्प लगा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी इस पल को साझा किया गया। सोशल मीडिया पोस्ट में इस उपहार को मासूम विश्वास और जनभावना की सहज अभिव्यक्ति बताया गया।
इसी दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम नवमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं। अपने संदेश में उन्होंने भगवान श्रीराम को भारतीय संस्कृति, मर्यादा, सत्य और करुणा का सर्वोच्च प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम का जीवन समाज को आदर्श मार्ग दिखाता है और राम नवमी केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि यह पर्व लोगों को सत्य, संवेदना और सामाजिक सौहार्द के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ‘रामत्व’ का अर्थ केवल आस्था नहीं, बल्कि आचरण में आदर्शों को उतारना भी है। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना में राम नवमी का यह संदेश गहराई से जुड़ा हुआ है।
गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में भी हिस्सा लिया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं उनके सामने रखीं। कई फरियादियों ने दबंगों द्वारा धमकाने, प्रताड़ित करने और कमजोर लोगों पर दबाव बनाने की शिकायत की। इन शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देश दिया कि जो लोग गुंडागर्दी कर रहे हैं, उनके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने साफ कहा कि यदि किसी मामले में आरोपी जमानत पर बाहर आने के बाद वादी को धमका रहा है, तो उसकी जमानत निरस्त कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए। मुख्यमंत्री का यह रुख साफ संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के मामले में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 से अधिक लोगों की समस्याएं सुनीं। हर प्रार्थना पत्र को संबंधित अधिकारियों के पास भेजते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए और समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। इलाज की जरूरत रखने वालों के लिए उचित चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जमीन कब्जाने वाले भू-माफियाओं, दबंगों और कमजोर वर्ग को परेशान करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि शासन का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि उसका संतोषजनक निस्तारण कराना है। UP News