CM योगी ने कर दिया बड़ा ऐलान, सवर जाएगा लाखों युवाओं का भविष्य
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उत्तर प्रदेश
चेतना मंच
01 Dec 2025 11:19 AM
Uttar Pradesh Samachar: उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने "स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना" के तहत अब स्मार्टफोन की जगह लेटेस्ट तकनीक से लैस टैबलेट देने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी द्वारा यह निर्णय मंगलवार को लखनऊ स्थित लोक भवन में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
इस योजना को आगामी पांच वर्षों तक चलाया जाएगा जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। पूरी योजना का खर्च राज्य सरकार अपने संसाधनों से वहन करेगी केंद्र सरकार की इसमें कोई भागीदारी नहीं होगी।
क्यों चुना गया टैबलेट?
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि टैबलेट, स्मार्टफोन की तुलना में तकनीकी रूप से अधिक सक्षम होते हैं। इनमें बड़ी स्क्रीन, दमदार बैटरी, मल्टीटास्किंग की सुविधा और शैक्षिक व रोजगारपरक ऐप्स (जैसे वर्ड, एक्सेल, गूगल डॉक्युमेंट्स आदि) को चलाना बेहद आसान होता है। ये टैबलेट युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, जॉब अप्लाई करने और स्वरोजगार के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जुड़ने में मदद करेंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि तकनीकी दक्षता ही आज के युवा को आत्मनिर्भर बना सकती है, और टैबलेट वितरण की यह योजना उसी दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को भी मिली हरी झंडी
कैबिनेट बैठक में एक और अहम फैसले के तहत चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। यह एक्सप्रेसवे भरतकूप से अहमदगंज तक बनेगा जिसकी कुल लंबाई 15.172 किलोमीटर होगी। इस परियोजना पर अनुमानित 939.67 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे ईपीसी (इंजीनियरिंग-प्रोक्योरमेंट-कंस्ट्रक्शन) मॉडल पर 548 दिनों में पूरा किया जाएगा। फिलहाल इसे चार लेन में विकसित किया जाएगा लेकिन भविष्य में इसे छह लेन तक विस्तारित करने की योजना है। यह एक्सप्रेसवे वाराणसी-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग और 135 बीजी नेशनल हाईवे से जुड़ेगा, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी और चित्रकूट को धार्मिक एवं आर्थिक हब के रूप में विकसित किया जा सकेगा। इस परियोजना से करीब 38 लाख मानव दिवसों का रोजगार सृजित होगा।
पॉलीटेक्निक संस्थानों में तकनीकी शिक्षा का कायाकल्प
प्रदेश सरकार ने तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की मांग के अनुरूप ढालने के लिए टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड (TTL) के सहयोग से राज्य के 121 सरकारी पॉलीटेक्निक संस्थानों को अपग्रेड करने का फैसला लिया है। इस योजना की कुल लागत 6935.86 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें TTL की भागीदारी 6034.20 करोड़ रुपये की होगी, जबकि राज्य सरकार 1063.96 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा आधारभूत संरचना के विकास पर 858.11 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे।
बढ़ेंगी छात्राओं की प्लेसमेंट की संभानाएं
पहले चरण में 45 पॉलीटेक्निक कॉलेजों को पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। यहां "टाटा टेक्नोलॉजी एक्सीलेंस सेंटर" स्थापित किए जाएंगे, जहां छात्र AI, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इससे छात्रों की प्लेसमेंट संभावनाएं भी काफी बढ़ेंगी।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में यूपी सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है। अब यदि किसी महिला के नाम पर 1 करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदी जाती है, तो उसे स्टांप शुल्क में 1% की छूट मिलेगी। अभी तक यह छूट सिर्फ 10 लाख रुपये तक की संपत्ति पर ही मिलती थी। इस नई व्यवस्था से महिलाओं को संपत्ति पर अधिकार मिलेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त हो सकेंगी।
11 अगस्त से शुरू होगा यूपी विधानसभा का मानसून सत्र
कैबिनेट बैठक में यह भी तय किया गया कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 11 अगस्त से शुरू होगा। यह सत्र संविधान के अनुच्छेद 174 (1) के तहत अनिवार्य है, जिसमें दो सत्रों के बीच छह माह से अधिक का अंतर नहीं हो सकता। सत्र के दौरान उन अध्यादेशों के स्थान पर विधेयक लाए जाएंगे, जो पिछले सत्र के बाद जारी किए गए थे। इसके साथ ही कई अन्य विधायी व प्रशासनिक कार्य भी पूरे किए जाएंगे।