सीएम योगी ने दीक्षांत समारोह में न्यायिक सुधारों को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया
भारत
चेतना मंच
02 Nov 2025 01:29 PM
बता दे कि इस समारोह में बीए-एलएलबी ऑनर्स, एलएलएम वन इयर, पीजीडीसीएल, पीजीडीआईपीआर पाठ्यक्रमों के मेधावियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य सहित कुल 21 पदक प्रदान किए गए। साथ ही, 309 सफल छात्रों को उपाधियां दी गईं। इस खास अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। दीक्षांत समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने न्याय की राह पर चलने का संकल्प लिया। UP News
लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में... https://t.co/heKGkBVQBX
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर छात्रों को उपाधियां हासिल करने के लिए बधाई दी और कहा कि "देश की मजबूत न्याय व्यवस्था ही सुशासन का आधार है। एक ऐसी न्याय व्यवस्था, जिसमें किसी के साथ भेदभाव न हो और सभी को उसकी योग्यता के आधार पर अवसर मिले। यही सुशासन का मूल तत्व है और इसे एक मजबूत न्याय व्यवस्था संभव बनाती है।" योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में न्याय व्यवस्था के महत्व को स्पष्ट किया और विद्यार्थियों से कहा कि वे न्याय की प्रतिष्ठा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विशेष स्मृति पदक वितरण
इस दीक्षांत समारोह में पारंपरिक पदकों के साथ विशेष स्मृति पदकों का भी वितरण किया गया। इन विशेष पदकों में कराधान विधि (टैक्सेशन लॉ), आपराधिक विधि (क्रिमिनल लॉ) और संवैधानिक विधि में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। उच्चतम अंक प्राप्त करने वाले मेधावी चरणबद्ध कार्यक्रम में दर्शिका पांडेय और अभ्युदय प्रताप ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की।
दर्शिका पांडेय को तीन पदक मिले, जिसमें स्व. पद्मावती मोहनलाल जरीवाला स्वर्ण पदक, वीरेंद्र भाटिया स्वर्ण पदक (स्टूडेंट ऑफ द ईयर) और बीए एलएलबी (ऑनर्स) में कांस्य पदक शामिल है।अभ्युदय प्रताप को मिले दो स्वर्ण पदक अभ्युदय प्रताप को बीए एलएलबी (ऑनर्स) में स्वर्ण पदक और केके लूथरा मेमोरियल स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
दर्शिका का समाज में सुधार का उद्देश्य
बीए एलएलबी (ऑनर्स) की टॉपर छात्रा दर्शिका पांडेय ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता सुधीर कुमार पांडेय को दिया। दर्शिका ने कहा कि वह भविष्य में जज बनकर देश की न्याय व्यवस्था में कुछ बदलाव लाना चाहती हैं और समाज में सकारात्मक योगदान देना चाहती हैं। उन्होंने अपने माता-पिता और गुरुजनों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें इस यात्रा में मार्गदर्शन दिया। दर्शिका ने बताया कि उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई कुशीनगर से की थी, और उनके परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान कुलपति डॉ. अमरपाल सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षिक, प्रशासनिक और शोध क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।