सीएम योगी ने दीक्षांत समारोह में न्यायिक सुधारों को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया

article
locationउत्तर प्रदेश
userRP Raghuvanshi
calendar02 Nov 2025 01:29 PM
bookmark

विज्ञापन

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें
\r\n

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन

\r\nउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर छात्रों को उपाधियां हासिल करने के लिए बधाई दी और कहा कि \"देश की मजबूत न्याय व्यवस्था ही सुशासन का आधार है। एक ऐसी न्याय व्यवस्था, जिसमें किसी के साथ भेदभाव न हो और सभी को उसकी योग्यता के आधार पर अवसर मिले। यही सुशासन का मूल तत्व है और इसे एक मजबूत न्याय व्यवस्था संभव बनाती है।\" योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में न्याय व्यवस्था के महत्व को स्पष्ट किया और विद्यार्थियों से कहा कि वे न्याय की प्रतिष्ठा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।\r\n

विशेष स्मृति पदक वितरण

\r\nइस दीक्षांत समारोह में पारंपरिक पदकों के साथ विशेष स्मृति पदकों का भी वितरण किया गया। इन विशेष पदकों में कराधान विधि (टैक्सेशन लॉ), आपराधिक विधि (क्रिमिनल लॉ) और संवैधानिक विधि में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। उच्चतम अंक प्राप्त करने वाले मेधावी चरणबद्ध कार्यक्रम में दर्शिका पांडेय और अभ्युदय प्रताप ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की।\r\n

यह भी पढ़ें : शाहरुख के घर ‘मन्नत’ के बाहर फैंस का मेला, पर बालकनी रही खाली

\r\n

दर्शिका पांडेय को मिले तीन पदक

\r\nदर्शिका पांडेय को तीन पदक मिले, जिसमें स्व. पद्मावती मोहनलाल जरीवाला स्वर्ण पदक, वीरेंद्र भाटिया स्वर्ण पदक (स्टूडेंट ऑफ द ईयर) और बीए एलएलबी (ऑनर्स) में कांस्य पदक शामिल है।अभ्युदय प्रताप को मिले दो स्वर्ण पदक अभ्युदय प्रताप को बीए एलएलबी (ऑनर्स) में स्वर्ण पदक और केके लूथरा मेमोरियल स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।\r\n

दर्शिका का समाज में सुधार का उद्देश्य

\r\nबीए एलएलबी (ऑनर्स) की टॉपर छात्रा दर्शिका पांडेय ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता सुधीर कुमार पांडेय को दिया। दर्शिका ने कहा कि वह भविष्य में जज बनकर देश की न्याय व्यवस्था में कुछ बदलाव लाना चाहती हैं और समाज में सकारात्मक योगदान देना चाहती हैं। उन्होंने अपने माता-पिता और गुरुजनों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें इस यात्रा में मार्गदर्शन दिया। दर्शिका ने बताया कि उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई कुशीनगर से की थी, और उनके परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।\r\n

यह भी पढ़ें : ‘नाककटवा’ की दहशत से कानपुर में अफरा-तफरी, लोग परेशान

\r\n

कुलपति का संबोधन और विश्वविद्यालय की प्रगति

\r\nकार्यक्रम के दौरान कुलपति डॉ. अमरपाल सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षिक, प्रशासनिक और शोध क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।","image":{"@type":"ImageObject","@id":"https://ik.imagekit.io/chetnamanch/uploads/2025/11/Lucknow-Dr.-Ram-Manohar-Lohia-National-Law-University.jpg","url":"https://ik.imagekit.io/chetnamanch/uploads/2025/11/Lucknow-Dr.-Ram-Manohar-Lohia-National-Law-University.jpg","width":1280,"height":720},"author":{"@type":"Person","name":"RP Raghuvanshi","url":"https://chetnamanch.com/team"},"publisher":{"@type":"Organization","name":"Chetna Manch","url":"https://chetnamanch.com/","logo":{"@type":"ImageObject","url":"https://ik.imagekit.io/chetnamanch/logo/2026/chetna_manch.webp?updatedAt=1771315577826","width":600,"height":60}},"datePublished":"2025-11-02T13:29:10+05:30","dateModified":"2025-11-02T13:29:10+05:30","inLanguage":"hi","keywords":[],"articleSection":"उत्तर प्रदेश"}
चेतना दृष्टि
चेतना दृष्टि