मुख्यमंत्री के मुताबिक जब कहीं हिंदुओं पर अत्याचार होता है, तब कुछ कथित सेक्यूलर चेहरे आवाज नहीं उठाते, न ही कोई विरोध प्रदर्शन या कैंडल मार्च दिखाई देता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे किसी ने मुंह पर टेप लगा दिया हो।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा की घटनाओं का जिक्र करते हुए इसे समूचे समाज के लिए चेतावनी बताया है। प्रयागराज में जगदगुरु रामानंदाचार्य जयंती समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज भी हिंदू समाज को जाति, मत और संप्रदाय के नाम पर बांटने की कोशिशें हो रही हैं, और यही विभाजन आगे चलकर गंभीर संकट का कारण बन सकता है। सीएम योगी ने इशारों-इशारों में विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ हुआ, उस पर कई लोग चुप्पी साधे बैठे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक जब कहीं हिंदुओं पर अत्याचार होता है, तब कुछ कथित सेक्यूलर चेहरे आवाज नहीं उठाते, न ही कोई विरोध प्रदर्शन या कैंडल मार्च दिखाई देता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे किसी ने मुंह पर टेप लगा दिया हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बार-बार साबित किया है कि जब समाज एकजुट होकर एक दिशा में कदम बढ़ाता है, तो सबसे बड़े लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने मंच से साफ संदेश दिया कि हिंदू समाज को बाँटने और कमजोर करने की कोशिश करने वाले तत्वों को किसी भी हाल में पनपने नहीं देना चाहिए। मुख्यमंत्री के मुताबिक, एकता ही सबसे बड़ी ताकत है और अगर हम दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे, तो आने वाला दौर सनातन परंपरा के उत्थान और गौरव का होगा।
सीएम योगी ने संत समाज की एकता और भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि जब संत समाज एक मंच पर आकर आवाज बुलंद करता है, तो उसका परिणाम जमीन पर भी दिखता है। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बने राम मंदिर को इसी सामूहिक संकल्प, साधना और तपस्या का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन किए और प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में भी सहभागिता निभाई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए उन सियासी ताकतों पर तीखा हमला बोला, जो समाज को जोड़ने के बजाय बाँटने की राजनीति करती हैं। योगी के मुताबिक, जो लोग आज भी हिंदू समाज को अलग-अलग खांचों में धकेलने की कोशिश कर रहे हैं, वे कभी जनहित के पक्षधर नहीं हो सकते। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए दावा किया कि मौका मिलते ही ऐसी ताकतें फिर पुरानी राह पकड़ेंगी सनातन परंपरा पर प्रहार करेंगी और दंगे-फसाद की आड़ में समाज की शांति व सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगी। UP News