खामेनेई की मौत पर बनारस में 7 दिन का मातम, बंद रहेगी दुकानें
उनके मुताबिक, खामेनेई शिया समाज के लिए वैश्विक स्तर पर रहनुमा थे और समुदाय उनके निधन को अपूरणीय क्षति मान रहा है। मातम के दौरान लोग काले कपड़े पहनकर मजलिसों में शामिल होंगे और खिराज-ए-अकीदत पेश करेंगे।

UP News : मध्य पूर्व के प्रभावशाली देशों में शामिल ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शिया समुदाय में शोक की लहर है। इमामबाड़ों और मस्जिदों में विशेष दुआएं हो रही हैं। इमाम-ए-जुमा मौलाना जफर हुसैनी ने सात दिन का शोक घोषित करते हुए कहा कि इस अवधि में खुशी के आयोजन स्थगित रहेंगे और लोग दुकानें-कारोबार बंद रखकर मातम मनाएंगे। उनके मुताबिक, खामेनेई शिया समाज के लिए वैश्विक स्तर पर रहनुमा थे और समुदाय उनके निधन को अपूरणीय क्षति मान रहा है। मातम के दौरान लोग काले कपड़े पहनकर मजलिसों में शामिल होंगे और खिराज-ए-अकीदत पेश करेंगे।
32 अंजुमनों का सामूहिक मातम आज
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में अंजुमनों ने मजलिसों और मातमी जुलूसों का पूरा खाका तैयार कर लिया है। शहर की 32 अंजुमनें सोमवार को लाट सरैया स्थित इमामबाड़ा में जुटकर सामूहिक मातम करेंगी। आयोजन को लेकर रविवार देर रात तक प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बातचीत चलती रही। उधर, रविवार सुबह सहरी के बाद से ही दोषीपुरा, कालीमहल और दालमंडी जैसे शिया बहुल इलाकों में खामेनेई को लेकर चर्चा तेज हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इंसाफ, इंसानियत और मजलूमों की आवाज़ को हमेशा बुलंद किया और उनकी सीख आने वाली पीढ़ियों के लिए भी राह दिखाएगी। हालात को देखते हुए वाराणसी में पुलिस और खुफिया तंत्र अलर्ट रहा प्रशासन ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ाई और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी लगाई, ताकि अफवाह या तनाव की कोई गुंजाइश न रहे।
प्रमुख शख्सियतों ने दी श्रद्धांजलि
पितरकुंडा स्थित वक्फ मस्जिद और कब्रिस्तान खास मौलाना मीर इमाम अली में इफ्तार के बाद मजलिस का आयोजन हुआ। नमाज के बाद समुदाय के लोगों ने खामेनेई को खिराज-ए-अकीदत पेश की। विभिन्न अंजुमनों और धार्मिक विद्वानों की मौजूदगी में तकरीरें भी की गईं। मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने भी दुख जताते हुए कहा कि इसे केवल एक व्यक्ति की मौत तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं दुनिया के लिए चेतावनी हैं कि हिंसा और जुल्म से मसलों का हल नहीं निकलता।
1 से 5 मार्च के बीच वाराणसी-शारजाह यात्रा प्रभावित
ईरान-इजरायल तनाव का असर उत्तर प्रदेश की हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। बाबतपुर एयरपोर्ट से शारजाह के लिए संचालित उड़ानों में व्यवधान के चलते 1 मार्च से 5 मार्च के बीच 1785 यात्रियों की यात्रा प्रभावित होने की बात सामने आई है। यात्रियों ने एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों में टिकट बुक कराए थे। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार यात्रियों को मोबाइल संदेश के जरिए उड़ान निरस्तीकरण की जानकारी दी गई। बाबतपुर से शाम और रात में शारजाह के लिए आमतौर पर दो उड़ानें रहती हैं, लेकिन हालात बिगड़ने पर दोनों उड़ानों को रद्द करना पड़ा। UP News
UP News : मध्य पूर्व के प्रभावशाली देशों में शामिल ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शिया समुदाय में शोक की लहर है। इमामबाड़ों और मस्जिदों में विशेष दुआएं हो रही हैं। इमाम-ए-जुमा मौलाना जफर हुसैनी ने सात दिन का शोक घोषित करते हुए कहा कि इस अवधि में खुशी के आयोजन स्थगित रहेंगे और लोग दुकानें-कारोबार बंद रखकर मातम मनाएंगे। उनके मुताबिक, खामेनेई शिया समाज के लिए वैश्विक स्तर पर रहनुमा थे और समुदाय उनके निधन को अपूरणीय क्षति मान रहा है। मातम के दौरान लोग काले कपड़े पहनकर मजलिसों में शामिल होंगे और खिराज-ए-अकीदत पेश करेंगे।
32 अंजुमनों का सामूहिक मातम आज
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में अंजुमनों ने मजलिसों और मातमी जुलूसों का पूरा खाका तैयार कर लिया है। शहर की 32 अंजुमनें सोमवार को लाट सरैया स्थित इमामबाड़ा में जुटकर सामूहिक मातम करेंगी। आयोजन को लेकर रविवार देर रात तक प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बातचीत चलती रही। उधर, रविवार सुबह सहरी के बाद से ही दोषीपुरा, कालीमहल और दालमंडी जैसे शिया बहुल इलाकों में खामेनेई को लेकर चर्चा तेज हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इंसाफ, इंसानियत और मजलूमों की आवाज़ को हमेशा बुलंद किया और उनकी सीख आने वाली पीढ़ियों के लिए भी राह दिखाएगी। हालात को देखते हुए वाराणसी में पुलिस और खुफिया तंत्र अलर्ट रहा प्रशासन ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ाई और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी लगाई, ताकि अफवाह या तनाव की कोई गुंजाइश न रहे।
प्रमुख शख्सियतों ने दी श्रद्धांजलि
पितरकुंडा स्थित वक्फ मस्जिद और कब्रिस्तान खास मौलाना मीर इमाम अली में इफ्तार के बाद मजलिस का आयोजन हुआ। नमाज के बाद समुदाय के लोगों ने खामेनेई को खिराज-ए-अकीदत पेश की। विभिन्न अंजुमनों और धार्मिक विद्वानों की मौजूदगी में तकरीरें भी की गईं। मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने भी दुख जताते हुए कहा कि इसे केवल एक व्यक्ति की मौत तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं दुनिया के लिए चेतावनी हैं कि हिंसा और जुल्म से मसलों का हल नहीं निकलता।
1 से 5 मार्च के बीच वाराणसी-शारजाह यात्रा प्रभावित
ईरान-इजरायल तनाव का असर उत्तर प्रदेश की हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। बाबतपुर एयरपोर्ट से शारजाह के लिए संचालित उड़ानों में व्यवधान के चलते 1 मार्च से 5 मार्च के बीच 1785 यात्रियों की यात्रा प्रभावित होने की बात सामने आई है। यात्रियों ने एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों में टिकट बुक कराए थे। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार यात्रियों को मोबाइल संदेश के जरिए उड़ान निरस्तीकरण की जानकारी दी गई। बाबतपुर से शाम और रात में शारजाह के लिए आमतौर पर दो उड़ानें रहती हैं, लेकिन हालात बिगड़ने पर दोनों उड़ानों को रद्द करना पड़ा। UP News












