उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा समाजवादी पार्टी के नेताओं की आलोचना करते रहते हैं। सोमवार 3 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के नेता की जमकर तारीफ की।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा समाजवादी पार्टी के नेताओं की आलोचना करते रहते हैं। सोमवार 3 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के नेता की जमकर तारीफ की। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश के CM योगी ने बाकायदा प्रदेश की विधानसभा के अंदर समाजवादी पार्टी के नेता की तारीफ की। यह बात बेहद चौंकाने वाली है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा में सपा नेता की तारीफ करते हुए साफ नजर आए। UP News
आपको बता दें कि 23 जुलाई 2026 को सपा के पांच बार के विधायक आलम बदी का निधन हो गया था। उनके निधन पर सोमवार को उत्तर प्रदेश की विधानसभा में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा से विधायक रहे आलम बदी की जमकर तारीफ की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि आलम बदी की जीवन भर की समाजसेवा तथा वृद्धा अवस्था तक उनकी सक्रियता हर जनप्रतिनिधि के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक आलम बदी को सरल, विनम्र तथा जनप्रिय नेता बताते हुए कहा कि वें अपनी सादगी तथा बेदाग छवि के लिए यूपी की राजनीति में अलग ही पहचान बनाने में सफल रहे थे। CM योगी ने उनके योगदान की खुलकर तारीफ की। UP News
उत्तर प्रदेश की विधानसभा में पांच बार विधायक रहे आलम बदी का पूरा परिचय आपसे करा देते हैं। विधायक आलम वदी का जन्म 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ में हुआ था। वह आजमगढ़ के विंदावल इलाके में रहते थे। अगर शिक्षा क्षेत्र की बात करें तो आलम बदी ने 12वीं तक पढ़ाई की हुई थी। इतना ही नहीं उन्होंने इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग से डिप्लोमा भी हासिल किया हुआ था। राजनीति में एंट्री करने से पहले आलम बदी एक काबिल इंजीनियर हुआ करते थे। उनकी पत्नी का नाम कुदैशा खान था और उनके 6 बच्चे हैं। वक्त था साल 1996 का जब उन्होंने पहली बार समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ा और उन्हें आजमग? की जनता ने जीत भी दर्ज करवाई थी। आजम वदी के लिए इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़, राजनीति की तरफ रुख करना थोड़ा मुश्किल था, मगर उनके लिए कहीं न कहीं जनता और उनकी सेवा करना सबसे बड़ा मकसद था। वह अपने पूरे राजनीतिक करियर में सिर्फ एक ही बार चुनाव हारे थे। इसके बाद से लगातार चुनाव जीते। पांच बार विधायक रहे। वह शुरू से ही मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे थे। साथ ही अखिलेश यादव भी उन्हें बेहद पसंद करते थे। यही वजह है की पार्टी ने उन्हें बहुत बार ऑफर दिया कि वह मंत्री बन जाएं। लेकिन हर बार उनका एक ही जवाब होता था कि मंत्री मुझे नहीं बल्कि किसी नौजवान को बनाया जाए। मंत्री न बनने के पीछे जो उनका मानना रहा था वह था कि अगर मंत्री बन गए तो वह कहीं न कहीं इलाके की जनता से दूर हो जाएंगे। 23 जुलाई 2026 को 90 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था। UP News
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