मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि उस समय कई बड़े प्रोजेक्ट तय लागत से कई गुना खर्च होने के बावजूद अधूरे रह गए।

UP News : उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुपूरक बजट पर चर्चा करते हुए प्रदेश की उपलब्धियों और सुरक्षा-व्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसी भी व्यक्ति को जाति, धर्म, नाम या पहचान के आधार पर योजनाओं का लाभ नहीं देती।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि उस समय कई बड़े प्रोजेक्ट तय लागत से कई गुना खर्च होने के बावजूद अधूरे रह गए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जेपीएनआईसी का प्रोजेक्ट 860 करोड़ रुपये में अधूरा रह गया, जबकि गोमती रिवर फ्रंट का 167 करोड़ का प्रोजेक्ट 1400 करोड़ में भी पूरा नहीं हुआ। इसके विपरीत, उनकी सरकार ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजनाएँ कम लागत में समय पर पूरी कीं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन सुधारों के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था में मजबूती आई है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश बीमारू राज्यों की सूची से बाहर आ चुका है और प्रदेश में व्यवसाय और सुरक्षा का बेहतर माहौल बन गया है।
सीएम ने स्पष्ट किया कि आज प्रदेश में गुंडागर्दी और अवैध वसूली नहीं होती। किसी भी बेटी, व्यापारी या नागरिक को कोई खतरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अपराध करने वालों को सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने नौ लाख सरकारी नौकरियों में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं होने दिया। भर्ती बोर्ड में रिटायर्ड डीजीपी को शामिल कर नकल माफियाओं की कमर तोड़ी गई। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य सज्जनों को सुरक्षा और दुर्जनों को कानूनी कार्रवाई के माध्यम से ठिकाना देना है।
योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि कोई भी व्यक्ति नाम, धर्म या जाति के आधार पर योजनाओं से वंचित नहीं रहेगा। उनका कहना था,
चेहरा देखकर किसी को योजनाओं का लाभ देना हमारे लिए पाप है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार सभी बेटियों, व्यापारियों और नागरिकों को समान सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति जबरन कब्जा नहीं कर पाएगा, और अगर कोई ऐसा करता है तो उसे छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता।