मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि लंबित मामलों में जिम्मेदारी तय की जाए और कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे जनता से जुड़ा हुआ है, इसलिए यहां की कार्यशैली जनविश्वास को मजबूत करने वाली होनी चाहिए।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व विभाग को कड़े निर्देश देते हुए स्पष्ट किया है कि भूमि से संबंधित सभी मामलों का निस्तारण निष्पक्षता और तय समय के भीतर किया जाए। शुक्रवार को हुई राजस्व विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पैमाइश, नामांतरण, वरासत और आबादी से जुड़े प्रकरणों में किसी भी प्रकार की देरी, लापरवाही या पक्षपात स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि लंबित मामलों में जिम्मेदारी तय की जाए और कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे जनता से जुड़ा हुआ है, इसलिए यहां की कार्यशैली जनविश्वास को मजबूत करने वाली होनी चाहिए। सभी कार्यों को मिशन मोड में और युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सीएम योगी ने प्रदेश के सभी जिलों में रोवर तकनीक आधारित पैमाइश व्यवस्था को शीघ्र शुरू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रोवर उपकरणों की खरीद के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाए। इसके लिए इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई संस्थानों की मदद लेने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने नामांतरण और वरासत मामलों को आॅटो मोड में लाने के निर्देश दिए, जिससे आम नागरिकों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि चकबंदी की प्रक्रिया में तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए और इसकी नियमित निगरानी हो, ताकि विवादों में कमी आए और पारदर्शिता बनी रहे।
भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण में तेजी लाने के साथ-साथ धारा-80 के अंतर्गत भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने राजस्व परिषद स्तर पर आम लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कॉल सेंटर जैसी व्यवस्था विकसित करने को कहा। साथ ही आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से जुड़ी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
प्रदेश में चल रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को अलाव जलाने, रैन बसेरों की व्यवस्था और कंबल वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की निरंतर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा लेखपालों को पंचायत भवनों में बैठकर मौके पर ही समस्याओं का समाधान करने के आदेश दिए गए। सीएम योगी ने जिला स्तर पर एकीकृत बहुमंजिला कार्यालय भवनों के निर्माण की दिशा में तेजी लाने को कहा, जिनमें जिलाधिकारी सहित सभी प्रमुख कार्यालय एक ही परिसर में हों। साथ ही ग्राम पंचायतों में स्थापित बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों और स्मारकों की सुरक्षा के लिए समाज कल्याण विभाग के सहयोग से बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।