बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस सत्र में 2026-27 का सामान्य बजट और उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। सीएम योगी ने बताया कि सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी।

UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत से पहले कहा कि किसी भी सदस्य को यदि कोई मुद्दा उठाना है, तो वह संवाद और चर्चा के माध्यम से उठाए, न कि कार्यवाही को रोककर। सीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार संवाद के जरिये समस्याओं का समाधान करने में विश्वास रखती है। बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस सत्र में 2026-27 का सामान्य बजट और उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। सीएम योगी ने बताया कि सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। अभिभाषण राज्य सरकार की उपलब्धियों और कार्ययोजना का दस्तावेज होता है, जिसे सदन के माध्यम से जनता के समक्ष रखा जाता है। इसके बाद बजट पेश किया जाएगा और सदन में उस पर चर्चा होगी।
सीएम ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण भी सदन में पेश किया जाएगा। यह रिपोर्ट प्रदेश की आर्थिक प्रगति, रोजगार सृजन, वित्तीय प्रबंधन और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि जैसी जानकारी साझा करेगी। सरकार की योजना है कि सदस्यों को यह रिपोर्ट चर्चा के लिए उपलब्ध कराई जाए ताकि वे साक्ष्य आधारित सुझाव दे सकें।
सीएम योगी ने सभी सदस्यों से अपील की कि कार्यवाही को बाधित न करें, अनावश्यक शोरगुल से बचें और मुद्दों को सकारात्मक संवाद के माध्यम से उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार सदन में उठाए गए सुझावों और मुद्दों को सुनने और लागू करने के लिए तत्पर हैं। सीएम ने यह भी कहा कि पिछले नौ वर्षों में विधानमंडल में कई नई कार्यप्रणालियाँ और कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। बजट सत्र न केवल विकास की दिशा तय करेगा, बल्कि यह सदस्यों के लिए जनप्रतिनिधि होने का एक प्रभावशाली मंच भी बनेगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, ब्रजेश पाठक और अन्य कई वरिष्ठ विधायक उपस्थित थे। UP News