उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने फिर दोहराया ‘‘बंटोगे तो कटोगे’’ का नारा
इस अवसर पर सीएम योगी ने एक बार फिर ‘‘बंटोगे तो कटोगे’’ वाले नारे को दोहराया। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अलग-अलग मौकों पर यह बात बोल चुके हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की तमाम सभ्यताएं समय के साथ मिट गईं, लेकिन सनातन संस्कृति आज भी गरिमा के साथ खड़ी है।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर पुराना नारा दोहराया है। सोमवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘बंटोगे तो कटोगे’’। उन्होंने कहा कि भारतीय परम्परा सबसे पुरानी परम्परा है। सनातन परम्परा के द्वारा ही पूरी दुनिया को एकता के सूत्र में बांधकर रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सनातन परम्परा हमेशा एकता के साथ रहने की शिक्षा देती रही है। इसी शिक्षा के कारण भारत की एकता हमेशा मजबूत बनी रही।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में खास कार्यक्रम में शामिल हुए योगी
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में तपोधाम के नाम से सतगुरू गिरधारी नाथ जी महाराज का आश्रम स्थापित है। सोमवार को सीतापुर के तपोधाम में मूर्ति स्थापना तथा भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस खास कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ थे। इस अवसर पर सीएम योगी ने एक बार फिर ‘‘बंटोगे तो कटोगे’’ वाले नारे को दोहराया। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अलग-अलग मौकों पर यह बात बोल चुके हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की तमाम सभ्यताएं समय के साथ मिट गईं, लेकिन सनातन संस्कृति आज भी गरिमा के साथ खड़ी है। भारत ने हमेशा 'वसुधैव कुटुम्बकम' का संदेश दिया और शरण मांगने वालों को पनाह दी। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने उंगली पकडक़र गला दबाने का काम किया और देश को लूटा। मुगलों और अंग्रेजों ने भारत के हस्तशिल्प और किसानों को तबाह कर दिया। सीएम के अनुसार, 1947 में आजादी के वक्त भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी गिरकर महज 2 फीसदी रह गई थी, जिसे अब फिर से संवारा जा रहा है।
हम तो साँप को भी दूध पिलाते हैं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में नागपंचमी पर जहरीले सांप को भी दूध पिलाने की 'समदृष्टि' वाली संस्कृति है। हमने हर शरणार्थी को पनाह दी, लेकिन कुछ लोगों ने शरणार्थी धर्म निभाने के बजाय विश्वासघात किया। उन्होंने उंगली पकडक़र गला दबाने का प्रयास किया और देश को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं, विशेषकर दलित हिंदुओं की हत्याओं और उनके घरों को जलाए जाने की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मरने वाला हिंदू है, तो मानवाधिकार संगठन और बड़े नेता मौन क्यों हैं? उनके लिए कोई वकालत क्यों नहीं कर रहा है? योगी ने कहा कि केवल कुछ हिंदू संगठन और धर्माचार्य ही इस पर बोल रहे हैं। उन्होंने जनता को आगाह किया कि अगर सनातन कमजोर हुआ तो देश का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा, इसलिए इन नेताओं के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है।
दिया एकता का संदेश
संबोधन के अंत में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'समदृष्टि' का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में पहला ग्रास गाय और अंतिम कुत्ते को दिया जाता है, यही समत्व योग है। उन्होंने लोगों को जाति और क्षेत्रवाद के जहर से बचने की सलाह देते हुए कहा कि दुश्मन भारत पर नजरें गड़ाए बैठा है। यदि समाज बंट गया, तो कटने के रास्ते खुद खुल जाएंगे। उन्होंने लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि भारत अब एक बड़ी शक्ति बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है और इस यात्रा में सनातन धर्म ही मुख्य आधार है। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर पुराना नारा दोहराया है। सोमवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘बंटोगे तो कटोगे’’। उन्होंने कहा कि भारतीय परम्परा सबसे पुरानी परम्परा है। सनातन परम्परा के द्वारा ही पूरी दुनिया को एकता के सूत्र में बांधकर रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सनातन परम्परा हमेशा एकता के साथ रहने की शिक्षा देती रही है। इसी शिक्षा के कारण भारत की एकता हमेशा मजबूत बनी रही।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में खास कार्यक्रम में शामिल हुए योगी
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में तपोधाम के नाम से सतगुरू गिरधारी नाथ जी महाराज का आश्रम स्थापित है। सोमवार को सीतापुर के तपोधाम में मूर्ति स्थापना तथा भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस खास कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ थे। इस अवसर पर सीएम योगी ने एक बार फिर ‘‘बंटोगे तो कटोगे’’ वाले नारे को दोहराया। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अलग-अलग मौकों पर यह बात बोल चुके हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की तमाम सभ्यताएं समय के साथ मिट गईं, लेकिन सनातन संस्कृति आज भी गरिमा के साथ खड़ी है। भारत ने हमेशा 'वसुधैव कुटुम्बकम' का संदेश दिया और शरण मांगने वालों को पनाह दी। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने उंगली पकडक़र गला दबाने का काम किया और देश को लूटा। मुगलों और अंग्रेजों ने भारत के हस्तशिल्प और किसानों को तबाह कर दिया। सीएम के अनुसार, 1947 में आजादी के वक्त भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी गिरकर महज 2 फीसदी रह गई थी, जिसे अब फिर से संवारा जा रहा है।
हम तो साँप को भी दूध पिलाते हैं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में नागपंचमी पर जहरीले सांप को भी दूध पिलाने की 'समदृष्टि' वाली संस्कृति है। हमने हर शरणार्थी को पनाह दी, लेकिन कुछ लोगों ने शरणार्थी धर्म निभाने के बजाय विश्वासघात किया। उन्होंने उंगली पकडक़र गला दबाने का प्रयास किया और देश को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं, विशेषकर दलित हिंदुओं की हत्याओं और उनके घरों को जलाए जाने की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मरने वाला हिंदू है, तो मानवाधिकार संगठन और बड़े नेता मौन क्यों हैं? उनके लिए कोई वकालत क्यों नहीं कर रहा है? योगी ने कहा कि केवल कुछ हिंदू संगठन और धर्माचार्य ही इस पर बोल रहे हैं। उन्होंने जनता को आगाह किया कि अगर सनातन कमजोर हुआ तो देश का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा, इसलिए इन नेताओं के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है।
दिया एकता का संदेश
संबोधन के अंत में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'समदृष्टि' का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में पहला ग्रास गाय और अंतिम कुत्ते को दिया जाता है, यही समत्व योग है। उन्होंने लोगों को जाति और क्षेत्रवाद के जहर से बचने की सलाह देते हुए कहा कि दुश्मन भारत पर नजरें गड़ाए बैठा है। यदि समाज बंट गया, तो कटने के रास्ते खुद खुल जाएंगे। उन्होंने लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि भारत अब एक बड़ी शक्ति बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है और इस यात्रा में सनातन धर्म ही मुख्य आधार है। UP News












