उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने फिर दोहराया ‘‘बंटोगे तो कटोगे’’ का नारा

इस अवसर पर सीएम योगी ने एक बार फिर ‘‘बंटोगे तो कटोगे’’ वाले नारे को दोहराया। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अलग-अलग मौकों पर यह बात बोल चुके हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की तमाम सभ्यताएं समय के साथ मिट गईं, लेकिन सनातन संस्कृति आज भी गरिमा के साथ खड़ी है।

एकता का संदेश देते CM योगी
एकता का संदेश देते CM योगी
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar09 Feb 2026 06:12 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर पुराना नारा दोहराया है। सोमवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘बंटोगे तो कटोगे’’। उन्होंने कहा कि भारतीय परम्परा सबसे पुरानी परम्परा है। सनातन परम्परा के द्वारा ही पूरी दुनिया को एकता के सूत्र में बांधकर रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सनातन परम्परा हमेशा एकता के साथ रहने की शिक्षा देती रही है। इसी शिक्षा के कारण भारत की एकता हमेशा मजबूत बनी रही।

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में खास कार्यक्रम में शामिल हुए योगी

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में तपोधाम के नाम से सतगुरू गिरधारी नाथ जी महाराज का आश्रम स्थापित है। सोमवार को सीतापुर के तपोधाम में मूर्ति स्थापना तथा भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस खास कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ थे। इस अवसर पर सीएम योगी ने एक बार फिर ‘‘बंटोगे तो कटोगे’’ वाले नारे को दोहराया। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अलग-अलग मौकों पर यह बात बोल चुके हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की तमाम सभ्यताएं समय के साथ मिट गईं, लेकिन सनातन संस्कृति आज भी गरिमा के साथ खड़ी है। भारत ने हमेशा 'वसुधैव कुटुम्बकम' का संदेश दिया और शरण मांगने वालों को पनाह दी। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने उंगली पकडक़र गला दबाने का काम किया और देश को लूटा। मुगलों और अंग्रेजों ने भारत के हस्तशिल्प और किसानों को तबाह कर दिया। सीएम के अनुसार, 1947 में आजादी के वक्त भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी गिरकर महज 2 फीसदी रह गई थी, जिसे अब फिर से संवारा जा रहा है।




हम तो साँप को भी दूध पिलाते हैं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में नागपंचमी पर जहरीले सांप को भी दूध पिलाने की 'समदृष्टि' वाली संस्कृति है। हमने हर शरणार्थी को पनाह दी, लेकिन कुछ लोगों ने शरणार्थी धर्म निभाने के बजाय विश्वासघात किया। उन्होंने उंगली पकडक़र गला दबाने का प्रयास किया और देश को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं, विशेषकर दलित हिंदुओं की हत्याओं और उनके घरों को जलाए जाने की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मरने वाला हिंदू है, तो मानवाधिकार संगठन और बड़े नेता मौन क्यों हैं? उनके लिए कोई वकालत क्यों नहीं कर रहा है? योगी ने कहा कि केवल कुछ हिंदू संगठन और धर्माचार्य ही इस पर बोल रहे हैं। उन्होंने जनता को आगाह किया कि अगर सनातन कमजोर हुआ तो देश का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा, इसलिए इन नेताओं के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है। 

दिया एकता का संदेश

संबोधन के अंत में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'समदृष्टि' का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में पहला ग्रास गाय और अंतिम कुत्ते को दिया जाता है, यही समत्व योग है। उन्होंने लोगों को जाति और क्षेत्रवाद के जहर से बचने की सलाह देते हुए कहा कि दुश्मन भारत पर नजरें गड़ाए बैठा है। यदि समाज बंट गया, तो कटने के रास्ते खुद खुल जाएंगे। उन्होंने लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि भारत अब एक बड़ी शक्ति बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है और इस यात्रा में सनातन धर्म ही मुख्य आधार है। UP News



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अकबरुद्दीन ओवैसी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को दी खुली चुनौती

अकबरुद्दीन के बयान का मतलब साफ है कि एआईएमआईएम अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में कदम रखने को तैयार है और यह भाजपा के लिए सीधी चुनौती हो सकती है। यह बयान 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों से पहले आया है, जब सभी दल अपनी चुनावी रणनीतियों को लेकर सक्रिय हो रहे हैं।

ovaisi yogi
ओवैसी योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar09 Feb 2026 06:12 PM
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UP News : अकबरुद्दीन ओवैसी, जो एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के भाई हैं और हैदराबाद की चंद्रयानगुट्टा सीट से छह बार विधायक रह चुके हैं, ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे चुनौती दी है। उन्होंने कहा मिस्टर योगी, तैयार हो जाओ, मैं यूपी आ रहा हूँ। इस बयान के जरिए एआईएमआईएम ने संकेत दिया है कि वह आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाने की योजना बना रही है।

एआईएमआईएम की यूपी में राजनीतिक दावेदारी

अकबरुद्दीन के बयान का मतलब साफ है कि एआईएमआईएम अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में कदम रखने को तैयार है और यह भाजपा के लिए सीधी चुनौती हो सकती है। यह बयान 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों से पहले आया है, जब सभी दल अपनी चुनावी रणनीतियों को लेकर सक्रिय हो रहे हैं।

एआईएमआईएम ने किसी खास सीट पर उम्मीदवार घोषित नहीं किया

अभी तक एआईएमआईएम ने किसी खास सीट पर उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, लेकिन इस बयान ने साफ संकेत दे दिया है कि पार्टी चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है। जिस अंदाज और जोश से ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ को ललकारा है उससे साऊ लग रहा है कि पार्टी उत्तर प्रदेश चुनाव में अपने प्रत्याशी बड़ी संख्या में उतारने के मूड में है।UP News



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अरबपति रईसजादा बना चर्चा का विषय, पुलिस बचाने में जुटी

उत्तर प्रदेश पुलिस इस अरबपति रईसजादे को सजा देने की बजाय रईसजादे के बचाव में जुटी हुई है। रईसजादे की कार से हुए एक्सीडेंट की FIR तक में शिवम मिश्रा नाम के इस रईसजादे का नाम तक नहीं है।

अरबपति रईसजादा शिवम मिश्रा
अरबपति रईसजादा शिवम मिश्रा
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar09 Feb 2026 03:46 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश का एक अरबपति रईसजादा चर्चा का विषय बन गया है। उत्तर प्रदेश के रहने वाले इस रईसजादे का नाम शिवम मिश्रा है। इस रईसजादे ने अपनी महंगी कार लैंबोर्गिनी को सड़क पर चलते हुए राहगीरों के ऊपर चढ़ा दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस इस अरबपति रईसजादे को सजा देने की बजाय रईसजादे के बचाव में जुटी हुई है। रईसजादे की कार से हुए एक्सीडेंट की FIR तक में शिवम मिश्रा नाम के इस रईसजादे का नाम तक नहीं है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में कहर बनी रईसजादे की कार

आपको बता दें कि कानपुर में बंशीधर टोबैको ग्रुप के नाम से एक प्रसिद्ध कंपनी स्थापित है। इस कंपनी में शिवम मिश्रा नामक रईसजादा निदेशक है। रविवार की शाम को शिवम मिश्रा की तेज रफ्तार लैंबोर्गिनी कार ने बाइक और ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कानपुर के इस रईसजादे का नाम एक बार फिर चर्चा में है। शिवम मिश्रा के पिता केके मिश्रा कानपुर के प्रतिष्ठित बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक हैं। करीब 90 साल पहले स्थापित यह कंपनी देश के बड़े पान मसाला ब्रांड्स को कच्चा माल सप्लाई करती है। इनका कारोबारी नेटवर्क उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली, गुजरात और मुंबई तक फैला हुआ है। शिवम मिश्रा कंपनी में डायरेक्टर के पद पर तैनात हैं। 

विवादों से पुराना नाता रहा है इस परिवार का

मार्च 2024 में यह परिवार तब चर्चा में आया था जब आयकर विभाग ने इनके 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच में करोड़ों की टैक्स चोरी और बेहिसाब संपत्ति का पता चला था। रेड के दौरान दिल्ली वाले घर से भारी नकदी और डायमंड घड़ियां मिली थीं। उस वक्त एक बड़ा विवाद तब हुआ जब अधिकारियों पर कथित तौर पर पिस्टल तानने की बात सामने आई थी। इन घटनाओं ने शिवम मिश्रा को रातों-रात देशभर में चर्चित कर दिया था और अब लैंबोर्गिनी हादसे ने उनके नाम को फिर विवादों में ला दिया है। शिवम मिश्रा अपनी रईसी और बेहद महंगे शौक के लिए जाने जाते हैं। उनके पास दुनिया की सबसे महंगी कारों का कलेक्शन है, जिसमें रोल्स रॉयस, लैंबॉर्गिनी, फेरारी, मैकलेरन और पोर्श जैसी गाड़ियां शामिल हैं। कारों के अलावा वे करोड़ों रुपये की ब्रांडेड और डायमंड घड़ियों के भी शौकीन हैं। यही आलीशान लाइफस्टाइल अक्सर उन्हें चर्चा का केंद्र बनाए रखती है। रविवार को हुई दुर्घटना के बाद उनके इसी रसूख और पुलिस द्वारा दिए जा रहे कथित 'वीआईपी ट्रीटमेंट' की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

उत्तर प्रदेश पुलिस पर उठे सवाल

हादसे में कई लोगों के घायल होने के बावजूद FIR में शिवम मिश्रा का नाम शामिल न होने पर पीड़ित पक्ष और जनता में भारी रोष है। वायरल वीडियो में उतर प्रदेश पुलिस कार को ढकती नजर आई, जिससे आरोपों को और बल मिला है। 90 साल पुराने औद्योगिक घराने की साख पर इस घटना ने गहरा धक्का लगाया हैं। फिलहाल, बंशीधर टोबैको ग्रुप और शिवम मिश्रा एक बार फिर जांच एजेंसियों और जनता के निशाने पर हैं। UP News


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