नेता प्रतिपक्ष का अचानक सरकारी अस्पताल पहुंचना बना चर्चा का विषय
बताया जा रहा है कि सिद्धार्थनगर से लखनऊ जाते समय उनके हाथ में चोट लग गई थी, जिसके बाद उनका काफिला प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में रुका। लेकिन जैसे ही नेता प्रतिपक्ष इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे, वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मौजूद नहीं मिले।

UP News : उत्तर प्रदेश की सियासत और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय रविवार को अचानक बस्ती जिले के कप्तानगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंच गए। बताया जा रहा है कि सिद्धार्थनगर से लखनऊ जाते समय उनके हाथ में चोट लग गई थी, जिसके बाद उनका काफिला प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में रुका। लेकिन जैसे ही नेता प्रतिपक्ष इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे, वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मौजूद नहीं मिले। उत्तर प्रदेश की राजनीति के एक बड़े चेहरे के अचानक सरकारी अस्पताल पहुंचने से अस्पताल प्रशासन में खलबली मच गई। आनन-फानन में प्रभारी चिकित्साधिकारी मौके पर पहुंचे, उपचार की व्यवस्था कराई गई और मामले को संभालने की कोशिश हुई। हालांकि नेता प्रतिपक्ष के अस्पताल से रवाना होते ही पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक लापरवाही का रूप ले लिया और संबंधित चिकित्सक को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया गया।
इमरजेंसी में डॉक्टर न मिलने पर बढ़ी हलचल
मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय अपने गृह जनपद सिद्धार्थनगर से लखनऊ जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनके हाथ में चोट लग गई। बताया जा रहा है कि यह चोट रास्ते में वाहन के अचानक ब्रेक लगने से लगी, जिससे उनकी हथेली पर खरोंच आ गई और झटका भी लगा। इसके बाद उनका काफिला रविवार शाम करीब चार बजे बस्ती जिले के कप्तानगंज स्थित सीएचसी पहुंचा। काफिला अस्पताल परिसर में पहुंचते ही स्वास्थ्यकर्मियों में हलचल मच गई। नेता प्रतिपक्ष सीधे इमरजेंसी कक्ष की ओर बढ़े, लेकिन वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक मौजूद नहीं थे। उस समय इमरजेंसी में केवल फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वॉय मौजूद बताए गए। सूत्रों के अनुसार, इमरजेंसी में जिस डॉक्टर की ड्यूटी लगी थी, उनका नाम डॉ. रवि कुमार सिंह बताया गया। नेता प्रतिपक्ष के अस्पताल पहुंचने की सूचना मिलते ही सीएचसी प्रभारी डॉ. अनूप कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति संभाली। उन्होंने माता प्रसाद पांडेय का हालचाल जाना और उनके हाथ की जांच की। इसके बाद फार्मासिस्ट की मदद से घायल हाथ की ड्रेसिंग कराई गई और आवश्यक दवा उपलब्ध कराई गई। अस्पताल में करीब 15 मिनट रुकने के बाद नेता प्रतिपक्ष का काफिला लखनऊ के लिए रवाना हो गया। इस दौरान अस्पताल प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।
उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल
नेता प्रतिपक्ष जैसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के अचानक अस्पताल पहुंचने पर इमरजेंसी में डॉक्टर का अनुपस्थित मिलना, उत्तर प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। घटना के तुरंत बाद प्रभारी चिकित्साधिकारी ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया। साथ ही पूरे मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को भी भेज दी गई। सीएचसी प्रभारी डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि जिस चिकित्सक की इमरजेंसी ड्यूटी थी, उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया गया है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
डॉ. रवि सिंह ने दी अपनी सफाई
इस मामले पर बस्ती के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. राजीव निगम का कहना है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सीएचसी कप्तानगंज पहुंचे थे, जहां उनका उपचार किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल इस मामले में उनके पास किसी प्रकार की औपचारिक शिकायत नहीं आई है। वहीं, इमरजेंसी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए डॉ. रवि सिंह ने अपनी सफाई में कहा कि वह लगातार 48 घंटे से ड्यूटी कर रहे थे। उनके मुताबिक, वह किसी आवश्यक कार्य से थोड़ी देर के लिए बाहर गए थे और इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष अस्पताल पहुंच गए। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने उनकी अनुपस्थिति को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए नोटिस जारी कर दिया है। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश की सियासत और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय रविवार को अचानक बस्ती जिले के कप्तानगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंच गए। बताया जा रहा है कि सिद्धार्थनगर से लखनऊ जाते समय उनके हाथ में चोट लग गई थी, जिसके बाद उनका काफिला प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में रुका। लेकिन जैसे ही नेता प्रतिपक्ष इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे, वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मौजूद नहीं मिले। उत्तर प्रदेश की राजनीति के एक बड़े चेहरे के अचानक सरकारी अस्पताल पहुंचने से अस्पताल प्रशासन में खलबली मच गई। आनन-फानन में प्रभारी चिकित्साधिकारी मौके पर पहुंचे, उपचार की व्यवस्था कराई गई और मामले को संभालने की कोशिश हुई। हालांकि नेता प्रतिपक्ष के अस्पताल से रवाना होते ही पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक लापरवाही का रूप ले लिया और संबंधित चिकित्सक को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया गया।
इमरजेंसी में डॉक्टर न मिलने पर बढ़ी हलचल
मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय अपने गृह जनपद सिद्धार्थनगर से लखनऊ जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनके हाथ में चोट लग गई। बताया जा रहा है कि यह चोट रास्ते में वाहन के अचानक ब्रेक लगने से लगी, जिससे उनकी हथेली पर खरोंच आ गई और झटका भी लगा। इसके बाद उनका काफिला रविवार शाम करीब चार बजे बस्ती जिले के कप्तानगंज स्थित सीएचसी पहुंचा। काफिला अस्पताल परिसर में पहुंचते ही स्वास्थ्यकर्मियों में हलचल मच गई। नेता प्रतिपक्ष सीधे इमरजेंसी कक्ष की ओर बढ़े, लेकिन वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक मौजूद नहीं थे। उस समय इमरजेंसी में केवल फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वॉय मौजूद बताए गए। सूत्रों के अनुसार, इमरजेंसी में जिस डॉक्टर की ड्यूटी लगी थी, उनका नाम डॉ. रवि कुमार सिंह बताया गया। नेता प्रतिपक्ष के अस्पताल पहुंचने की सूचना मिलते ही सीएचसी प्रभारी डॉ. अनूप कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति संभाली। उन्होंने माता प्रसाद पांडेय का हालचाल जाना और उनके हाथ की जांच की। इसके बाद फार्मासिस्ट की मदद से घायल हाथ की ड्रेसिंग कराई गई और आवश्यक दवा उपलब्ध कराई गई। अस्पताल में करीब 15 मिनट रुकने के बाद नेता प्रतिपक्ष का काफिला लखनऊ के लिए रवाना हो गया। इस दौरान अस्पताल प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।
उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल
नेता प्रतिपक्ष जैसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के अचानक अस्पताल पहुंचने पर इमरजेंसी में डॉक्टर का अनुपस्थित मिलना, उत्तर प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। घटना के तुरंत बाद प्रभारी चिकित्साधिकारी ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया। साथ ही पूरे मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को भी भेज दी गई। सीएचसी प्रभारी डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि जिस चिकित्सक की इमरजेंसी ड्यूटी थी, उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया गया है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
डॉ. रवि सिंह ने दी अपनी सफाई
इस मामले पर बस्ती के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. राजीव निगम का कहना है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सीएचसी कप्तानगंज पहुंचे थे, जहां उनका उपचार किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल इस मामले में उनके पास किसी प्रकार की औपचारिक शिकायत नहीं आई है। वहीं, इमरजेंसी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए डॉ. रवि सिंह ने अपनी सफाई में कहा कि वह लगातार 48 घंटे से ड्यूटी कर रहे थे। उनके मुताबिक, वह किसी आवश्यक कार्य से थोड़ी देर के लिए बाहर गए थे और इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष अस्पताल पहुंच गए। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने उनकी अनुपस्थिति को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए नोटिस जारी कर दिया है। UP News












