स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले- भाजपा पर भरोसा नहीं, किसी और राज्य की पुलिस जांच करे

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कानूनी विवादों में घिर गए हैं। पाक्सो अदालत के निर्देश पर उनके और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ यौन शोषण से जुड़े गंभीर आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला दो नाबालिग लड़कों से कथित दुर्व्यवहार से संबंधित बताया जा रहा है।

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar23 Feb 2026 12:48 PM
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UP News : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कानूनी विवादों में घिर गए हैं। पाक्सो अदालत के निर्देश पर उनके और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ यौन शोषण से जुड़े गंभीर आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला दो नाबालिग लड़कों से कथित दुर्व्यवहार से संबंधित बताया जा रहा है।

क्या है आरोप?

शिकायत के अनुसार, पिछले वर्ष एक धार्मिक शिविर के दौरान दो नाबालिगों के साथ कथित रूप से अनुचित व्यवहार किया गया। आरोपों में यह भी दावा किया गया है कि प्रयागराज में आयोजित धार्मिक आयोजन के समय भी उनके साथ गलत आचरण हुआ। अदालत के आदेश के बाद झूंसी थाने में केस दर्ज किया गया। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3) और पाक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराएं शामिल की गई हैं, जिनमें गंभीर यौन अपराधों से संबंधित प्रावधान आते हैं।

शंकराचार्य का बयान

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह पूरी कहानी गढ़ी गई है और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे सनातन पर हमला बताते हुए कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग देंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भाजपा शासित राज्य की पुलिस पर भरोसा नहीं है और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए किसी अन्य राज्य की पुलिस से जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस उन्हें हिरासत में लेती है तो वे विरोध नहीं करेंगे। प्रयागराज से पुलिस की एक टीम वाराणसी पहुंची है और उनसे पूछताछ की संभावना जताई जा रही है। मामले की सुनवाई अदालत की निगरानी में आगे बढ़ेगी। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाएगा।UP News


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उत्तर प्रदेश में चला ‘ऑपरेशन बजरंग-2’ का डंडा, 34 शातिर गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों पर साइबर एक्ट समेत धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और फरार आरोपियों की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

साइबर ठगी मामले में बड़ी कार्रवाई
साइबर ठगी मामले में बड़ी कार्रवाई
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar23 Feb 2026 10:28 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी के नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए मथुरा पुलिस ने ‘ऑपरेशन बजरंग-2’ के तहत रविवार तड़के शेरगढ़ इलाके में बड़ी कार्रवाई की। करीब 250 पुलिसकर्मियों और पीएसी बल की घेराबंदी में 34 साइबर शातिरों को दबोच लिया गया, जबकि 45 आरोपी खेतों और जंगल के रास्ते भागकर बच निकले। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड, दर्जनों मोबाइल फोन, 4 बाइक और 1 कार बरामद की है। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों पर साइबर एक्ट समेत धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और फरार आरोपियों की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

दो गांव बने ऑपरेशन का केंद्र

एसएसपी श्लोक कुमार के निर्देशन में रविवार सुबह करीब 5 बजे एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत के नेतृत्व में एएसपी, चार सीओ, 13 थानों की पुलिस और पीएसी जवानों ने शेरगढ़ क्षेत्र के जंघावली और विशंभरा गांव को चारों तरफ से घेर लिया। सुबह का वक्त होने के कारण कई लोग घरों में सो रहे थे, वहीं कुछ ग्रामीण नित्यकर्म के लिए जंगल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान भारी पुलिस बल देख गांव में हड़कंप मच गया। दो-दो सीओ के नेतृत्व में पुलिस व पीएसी ने दोनों गांवों में करीब पांच घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। टीमों ने लगभग 85 घरों में दबिश दी और साइबर ठगी के आरोप में 34 लोगों को हिरासत में ले लिया। कार्रवाई के दौरान कुछ घरों में महिलाओं ने विरोध भी किया, जिसे महिला पुलिस ने समझाकर शांत कराया।

पुलिस के मुताबिक, कई आरोपी छतों के रास्ते भागे। टीमों ने पीछा भी किया, लेकिन खेतों के रास्ते निकलकर वे फरार हो गए। फरार 45 आरोपियों की तलाश में अलग-अलग टीमों को लगाया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

मथुरा पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई

एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मथुरा में गोवर्धन, बरसाना, कोसीकलां और शेरगढ़ बेल्ट के कुछ “हॉट स्पॉट” गांवों से साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय थे। पुलिस को इनपुट मिला था कि शातिर सिंडीकेट बनाकर फर्जी पहचान और मोबाइल नेटवर्क के सहारे ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे हैं। एसएसपी के निर्देश पर बीते करीब एक महीने से ‘प्रतिबिंब पोर्टल’ के जरिए इन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। निगरानी में सामने आया कि शेरगढ़ के जंघावली और विशंभरा में साइबर फ्रॉड की हलचल सबसे ज्यादा है, इसी के बाद शनिवार देर रात रणनीति फाइनल हुई और तड़के दो मोर्चों पर एक साथ ऑपरेशन उतार दिया गया। ऑपरेशन के दौरान जंघावली में सीओ गोवर्धन अनिल कुमार सिंह और सीओ मांट संदीप सिंह ने टीम के साथ दबिश दी, जबकि विशंभरा में सीओ यातायात आशीष कुमार शर्मा और सीओ महावन श्वेता वर्मा ने पीएसी बल के साथ मोर्चा संभाला। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संगठित अपराध धारा 111(3) समेत साइबर फ्रॉड, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है। छापेमारी में 12 से ज्यादा फर्जी आधार कार्ड और करीब 36 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। एसएसपी श्लोक कुमार ने कहा कि ‘समन्वय-प्रतिबिंब पोर्टल’ के आधार पर हॉट स्पॉट गांवों में लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में शेरगढ़ के जंघावली और विशंभरा में दो टीमों (करीब 240 पुलिस जवान) के जरिए सर्च ऑपरेशन कराया गया। पुलिस का कहना है कि इससे पहले भी 11 दिसंबर को गोवर्धन के चार गांवों में कार्रवाई कर 37 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि इनामी बदमाशों पर भी कार्रवाई जारी रही है। एसपी देहात के अनुसार, जंघावली से 11 आरोपी गिरफ्तार किए गए जबकि 17 फरार हो गए। वहीं विशंभरा से 23 आरोपी पकड़े गए और 28 भागने में सफल रहे। UP News

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रमजान से पहले खजूर की मिलावट पर शिकंजा, मुरादाबाद मंडी में छापेमारी

मुरादाबाद की नवीन मंडी समिति स्थित मेराज फ्रूट्स प्रतिष्ठान पर खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारा। जांच में पाया गया कि यहां बड़ी मात्रा में खजूर बिना किसी बैच नंबर, पैकिंग तिथि और एक्सपायरी डेट के बिक्री के लिए रखे थे।

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लैब टेस्टिंग वैन से चलाया जागरूकता अभियान (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar22 Feb 2026 06:57 PM
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UP News: रमजान के पवित्र महीने से पहले खजूर की बढ़ती मांग को देखते हुए मिलावटखोरों और मुनाफाखोरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की नजर पड़ी है। मंडी समिति क्षेत्र में खजूर की गलत पैकेजिंग और मिलावट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग ने अलर्ट मोड में आकर बड़ी कार्रवाई की है। छापेमारी के दौरान 'ईशा ट्रेडर्स' और 'अल-बदूत' जैसे बड़े केंद्रों से भारी मात्रा में मिसब्रांडेड सामान सीज कर लिया गया है।

मंडी में छापेमारी, बिना लेबल के खजूर मिले

सूचना के मुताबिक, मुरादाबाद की नवीन मंडी समिति स्थित मेराज फ्रूट्स प्रतिष्ठान पर खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारा। जांच में पाया गया कि यहां बड़ी मात्रा में खजूर बिना किसी बैच नंबर, पैकिंग तिथि और एक्सपायरी डेट के बिक्री के लिए रखे थे। पैकेटों पर आवश्यक लेबलिंग न होना खाद्य सुरक्षा मानकों का स्पष्ट उल्लंघन पाया गया। तत्काल प्रभाव से टीम ने संदिग्ध नमूने एकत्र किए और प्रयोगशाला भेज दिए।

पूरे मंडल में विशेष अभियान जारी

सहायक आयुक्त (खाद्य) ग्रेड-2 राजवंश प्रकाश श्रीवास्तव और मंडलीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी कृष्ण गोपाल यादव के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया पैकेजिंग में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि लैब रिपोर्ट में मिलावट या मानकों की अनदेखी सामने आने पर दोषी व्यापारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने पुष्टि की है कि यह विशेष चेकिंग अभियान पूरे मुरादाबाद मंडल में निरंतर जारी रहेगा। मौके पर मौजूद अधिकारी राजवंश श्रीवास्तव ने कहा, "रमजान जैसे पवित्र महीने में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर नकेल कसी जाएगी।"

जागरूकता और जांच का दायरा बढ़ाया

मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए विभाग सिर्फ छापेमारी तक सीमित नहीं है। प्रशासन लैब टेस्टिंग वैन के माध्यम से चौराहों और स्कूलों में जागरूकता अभियान भी चला रहा है, ताकि त्योहारों के सीजन में नागरिकों को शुद्ध और स्वच्छ खाद्य सामग्री मिल सके। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे बिना लेबल और संदिग्ध पैकेजिंग वाले खाद्य पदार्थ खरीदने से बचें और किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल विभाग को दें। मंडी में छापेमारी की खबर से व्यापारियों में हड़कंप मच गया है और कई दुकानदारों ने अपने स्टॉक की जांच शुरू कर दी है। UP News

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