मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद कानपुर नगर निगम में लापरवाही और कथित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने नगर निगम में ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू करते हुए पथ प्रकाश विभाग के 11 स्विच मैन को निलंबित कर दिया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद कानपुर नगर निगम में लापरवाही और कथित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने नगर निगम में ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू करते हुए पथ प्रकाश विभाग के 11 स्विच मैन को निलंबित कर दिया है। इन कर्मचारियों पर स्ट्रीट लाइटों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने और मौके पर समस्या दूर किए बिना ही मोबाइल पर शिकायत का निस्तारण दिखाने का आरोप है। इसके साथ ही नगर आयुक्त ने अपने कार्यालय से जुड़े स्टेनो, रबिश प्रभारी और जोन-2 में तैनात एक अवर अभियंता का भी तबादला कर दिया है। नगर निगम में एक साथ हुई इस कार्रवाई से अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। UP News
नगर आयुक्त की ओर से गुरुवार को जारी किए गए निलंबन आदेश के मुताबिक संबंधित कर्मचारियों पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, गलत तरीके से निस्तारण दर्ज करने और अनुशासनहीनता के आरोप हैं। बताया गया है कि कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट खराब या बंद होने के बावजूद कर्मचारियों ने मोबाइल पर शिकायत का निस्तारण पूरा दिखा दिया।
इन कर्मचारियों को पहले भी अपने काम में सुधार करने के लिए कई बार चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर अब निलंबन की कार्रवाई की गई है। संबंधित क्षेत्रों के पार्षदों की ओर से भी खराब स्ट्रीट लाइटों को लेकर शिकायतें मिलने की बात सामने आई है। UP News
निलंबित किए गए कर्मचारियों में जोन-1 के मो. आसिफ, जोन-2 के शिवनंदन, जोन-3 के अशोक कुमार, जोन-4 के कलाम, शफी मोहम्मद और टीनू कश्यप शामिल हैं। इसके अलावा जोन-6 के घनश्याम कुमार, रोहिताश दीक्षित, अनिल कुमार और रमेश चंद्र के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। मामले की जांच के लिए अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार को जांच अधिकारी बनाया गया है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। नगर निगम की ओर से की गई इस कार्रवाई को व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। UP News
निलंबन के साथ नगर निगम में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले भी किए गए हैं। जोन-2 के जोनल कार्यालय में तैनात अवर अभियंता दिनेश प्रसाद को जोन-6 के कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है। नगर आयुक्त कार्यालय से संबद्ध स्टेनो संजय प्रसाद कटियार का भी तबादला जोन-6 में किया गया है। वहीं रबिश प्रभारी रफजुल रहमान को जोन-2 के जोनल कार्यालय में नई जिम्मेदारी दी गई है। अवर अभियंता दिनेश प्रसाद को लेकर कुछ ठेकेदारों से कथित संबंध होने की शिकायतें सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। नगर निगम स्तर पर मिली शिकायतों की जांच कराई जा रही है। कानपुर नगर निगम में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब टेंडर प्रक्रिया को लेकर कथित रैकेट की जांच चल रही है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के अनुसार, इस मामले में केवल ठेकेदारों की भूमिका ही नहीं बल्कि नगर निगम के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की शिकायतें भी सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक कुछ जेई और अन्य कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर फर्म बनाकर ठेके हासिल किए जाने की शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही गई है। UP News
पुलिस आयुक्त की ओर से अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ. विपिन टाडा को पूरे मामले की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है। वह नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के साथ समन्वय कर कार्रवाई और जांच की प्रगति पर नजर रखेंगे। अधिकारियों के स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लिए जाने के संकेत हैं। नगर निगम में शिकायतों के निस्तारण से लेकर टेंडर प्रक्रिया तक विभिन्न स्तरों पर जवाबदेही तय करने की कोशिश की जा रही है। नगर निगम में कथित टेंडर रैकेट को लेकर कार्रवाई के बीच नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। कमिश्नरेट पुलिस की ओर से उन्हें दो सब-इंस्पेक्टर और चार पुलिसकर्मियों की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा नगर आयुक्त के साथ पुलिस एस्कॉर्ट भी रहेगा। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक ठेकेदारों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में प्रभावशाली ठेकेदारों की भूमिका से जुड़े इनपुट और शिकायतों की भी जांच की जा रही है। UP News
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