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उत्तर प्रदेश सरकार विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और भूमि अधिकार के मुद्दे पर एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखीमपुर खीरी के दौरे के दौरान बांग्लादेश से आकर बसे 331 हिंदू परिवारों को भूमिधारी अधिकार पत्र सौंपेंगे।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और भूमि अधिकार के मुद्दे पर एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखीमपुर खीरी के दौरे के दौरान बांग्लादेश से आकर बसे 331 हिंदू परिवारों को भूमिधारी अधिकार पत्र सौंपेंगे। लंबे समय से पुनर्वासित होने के बावजूद ये परिवार जमीन के स्थायी मालिकाना हक से वंचित थे। अब उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें कानूनी स्वामित्व देकर स्थायी बसावट की ओर बड़ा कदम उठाने जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लखीमपुर खीरी दौरा कई मायनों में खास माना जा रहा है। एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए हिंदू परिवारों को भूमि अधिकार देकर राहत देने जा रही है, तो दूसरी तरफ जिले में विकास परियोजनाओं को भी रफ्तार देने का संदेश दे रही है। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री धौरहरा और मोहम्मदी क्षेत्रों में करीब 417 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 213 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इन योजनाओं में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम शामिल हैं। माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश के इस इलाके में विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र के चंदन चौकी में मुख्यमंत्री थारू जनजाति के 4556 परिवारों को भी भौमिक अधिकार पत्र वितरित करेंगे। उत्तर प्रदेश में जनजातीय समुदायों को अधिकार और सुरक्षा देने की दिशा में इस कदम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से भूमि अधिकार की मांग कर रहे इन परिवारों को कानूनी स्वामित्व मिलने से उनके जीवन में स्थिरता आएगी। इससे न सिर्फ सामाजिक सम्मान बढ़ेगा, बल्कि आर्थिक रूप से भी ये परिवार अधिक मजबूत हो सकेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल यह संकेत देती है कि अब वंचित और पारंपरिक समुदायों को भी विकास की मुख्यधारा में शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने इस दौरे के दौरान पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला क्षेत्रों में लगभग 817 करोड़ रुपये की लागत से 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इन योजनाओं से साफ है कि राज्य सरकार पुनर्वास और विकास, दोनों मोर्चों पर साथ-साथ काम करना चाहती है। एक तरफ जिन परिवारों को भूमि अधिकार मिलेंगे, उन्हें स्थायित्व मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय विकास के जरिए व्यापक आबादी को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। UP News