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सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बीते नौ वर्षों के दौरान बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में वन विभाग की नर्सरियों में जहां केवल कुछ लाख पौधे उपलब्ध थे, वहीं आज सरकारी और निजी नर्सरियों में करोड़ों पौधे तैयार हैं।

UP News : सीएम योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बीते नौ वर्षों के दौरान बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में वन विभाग की नर्सरियों में जहां केवल कुछ लाख पौधे उपलब्ध थे, वहीं आज सरकारी और निजी नर्सरियों में करोड़ों पौधे तैयार हैं। जुलाई में एक दिन के भीतर 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य घोषित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विश्व बैंक समर्थित 2,741 करोड़ रुपये की लागत वाली देश की पहली एयरशेड आधारित उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जुलाई में एक विशेष महाअभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान जनभागीदारी के साथ संचालित किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे जल स्रोतों, जंगलों और प्राकृतिक संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के प्रति सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि भूमाफिया, वन माफिया, अवैध खनन और तस्करी जैसी गतिविधियां पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे मामलों की जानकारी प्रशासन को देने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास होने के बावजूद राज्य ने वन क्षेत्र और हरित आवरण बढ़ाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि बीते नौ वर्षों में प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। एक्सप्रेसवे, औद्योगिक परियोजनाओं और शहरी विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है।
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मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रधानों, नगर निकायों और स्थानीय प्रशासन से तालाबों, पोखरों, कुओं और बावड़ियों को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में पारंपरिक जल स्रोतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अमृत सरोवर योजना और रामसर साइट्स के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश जल संसाधनों के मामले में देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है और इनके संरक्षण के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ हवा, निर्मल जल, उपजाऊ भूमि और हरित वन मानव सभ्यता की जीवन रेखा हैं। यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो मानवता भी सुरक्षित रहेगी। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस की थीम का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर भविष्य देने के लिए पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
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