लगातार 66 साल में जिस पद पर कभी कोई महिला नहीं बैठी थी उसी पद पर सेना की कर्नल श्रीमती सीमा मिश्रा की तैनाती से उत्तर प्रदेश में नया इतिहास रच दिया गया है। कर्नल सीमा मिश्रा की इस बड़ी उपलब्धि के बाद से उन्हें लगातार बधाईयां मिल रही हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश में एक से बढ़क एक नए कारनामे होते रहते हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश में एक नया इतिहास रचा गया है। उत्तर प्रदेश में 66 वर्ष बाद एक महिला ने प्रदेश के एक महत्वपूर्ण पद पर आसीन होकर नया इतिहास रच दिया है। लगातार 66 साल में जिस पद पर कभी कोई महिला नहीं बैठी थी उसी पद पर सेना की कर्नल श्रीमती सीमा मिश्रा की तैनाती से उत्तर प्रदेश में नया इतिहास रच दिया गया है। कर्नल सीमा मिश्रा की इस बड़ी उपलब्धि के बाद से उन्हें लगातार बधाईयां मिल रही हैं।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक प्रसिद्ध सैनिक स्कूल स्थापित है। उत्तर प्रदेश के इस सैनिक स्कूल का पूरा नाम कर्नल मनोज कुमार पाण्डे यूपी सैनिक स्कूल है। उत्तर प्रदेश के इस प्रसिद्ध सैनिक स्कूल की नई प्रधानाचार्य कर्नल सीमा मिश्रा बनी हैं। भारत के रक्षा मंत्रालय ने सीमा मिश्रा को उत्तर प्रदेश के सैनिक स्कूल का नया प्रधानाचार्य नियुक्त किया है। उत्तर प्रदेश के इस सैनिक स्कूल की स्थापना वर्ष-1960 में हुई थी। वर्ष-1960 से वर्ष-2026 तक इस सैनिक स्कूल के प्रधानाचार्य पद पर केवल पुरूष सैन्य अधिकारी ही तैनात होते रहे हैं। उत्तर प्रदेश के सैनिक स्कूल की प्रधानाचार्य बनकर कर्नल सीमा मिश्रा ने नया इतिहास रच दिया है। सीमा मिश्रा के प्रधानाचार्य पद पर तैनात होने के बाद से उन्हें लगातार बधाईयां मिल रही हैं।
आपको उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल की प्रधानाचार्य कर्नल सीमा मिश्रा का पूरा परिचय बता देते हैं। कर्नल सीमा मिश्रा 47 वर्षीय महिला सैन्य अधिकारी हैं। रक्षा मंत्रालय की ओर से उन्हें कैप्टन मनोज कुमार पांडे उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल का प्राचार्य नियुक्त किया गया है। कर्नल सीमा मिश्रा ने वर्ष 2003 में आर्मी एजुकेशनल कोर में कमीशन प्राप्त किया था। उनके पास सेना में काम करने का 22 साल का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के सैनिक स्कूल में प्रिंसिपल नियुक्त होने से पहले उन्होंने राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, बेलगाम में प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर कार्य किया है। कर्नल सीमा मिश्रा ने सैनिक स्कूल, कपूरथला में वाइस-प्रिंसिपल और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून में प्रशिक्षक के रूप में तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी के रूप में भी कार्य किया है। सेवा के प्रति उनके समर्पण के लिए उन्हें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड मिल चुका है।
कर्नल मिश्रा ने अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताते हुए कहा है कि मेरा एकमात्र लक्ष्य अधिक से अधिक कैडेट्स को नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में भेजना होगा। मैं यह सुनिश्चित करने की कोशिश करूंगी कि अधिक से अधिक लड़के और लड़कियां एनडीए के लिए क्वालीफाई करें। उन्होंने आने वाले वर्षों में कैडेट्स और स्टाफ की क्षमताओं और संभावनाओं पर विश्वास जताया। इसे हासिल करने के लिए अपने अटूट समर्थन, मार्गदर्शन और सहयोग का आश्वासन दिया। कर्नल सीमा मिश्रा ने कहा कि समृद्ध विरासत वाले देश के पहले सैनिक स्कूल का नेतृत्व करना चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है। स्कूल की पहली महिला प्रिंसिपल के तौर पर मुझे पता है कि लोग मेरे काम को उसी नजर से देखेंगे। उन्होंने कहा कि मैं हमारे पूर्व प्रिंसिपल कर्नल राघव के किए गए अच्छे काम को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। कर्नल मिश्रा ने कहा कि 26 जनवरी को लखनऊ में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान सैनिक स्कूल बैंड को बेस्ट मार्चिंग स्कूल बैंड चुना गया था। स्कूल के मार्चिंग दस्ते ने सभी मार्चिंग दस्तों में तीसरा स्थान हासिल किया। UP News